सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर एक दिवसीय ओरिएंटेशन वर्कशॉप का आयोजन

रेवाड़ी, 20 अक्तूबर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 के मद्देनजर शहर को स्वच्छ बनाने के लिए मंगलवार को बाल भवन रेवाड़ी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर एक दिवसीय ओरिएंटेशन वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यशाला में फीडबैक फाउंडेशन के सीइओ अजय सिन्हा ने कचरा-प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस कार्यशाला में रेवाड़ी, बावल व धारूहेड़ा के पार्षदों, नगरपरिषद व नगरपालिकाओं के अधिकारियों व कर्मचारियों के अलावा, एसडीएम रविन्द्र यादव, डीएसपी राजेश लोहान, सीएमजीजीए डॉ मृदुला सूद, पूर्व चेयरमैन विजय राव, गुरूदयाल नंबरदार, प्रदीप भार्गव, रिपुदमन गुप्ता सहित अन्य गणमान्य लोगों ने कार्यशाला में भाग लिया।
अजय सिन्हा ने एक दिवसीय कार्यशाला में स्वच्छता सर्वेक्षण में कैसे बेहतर रैंक हासिल करें, उसके बारे में जागरूक किया। मुख्य रूप से ठोस कचरा प्रबंधन पर जोर दिया गया। घर से गीला औैर सूखा कचरा अलग-अलग करना। गीले कचरे से खाद बनाने। सूखे कचरे का उचित निष्पादन करने। घरेलू और मेडिकल मेटीरियल का रीयूज करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यशाला में मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय सिन्हा ने कचरा-प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसे जनआंदोलन का रूप देना होगा। प्रत्येक घरों से कचरा उठाने का समय सुनिश्चित करना होगा। इसके साथ ही नियमित रूप से कूड़े का उठान किया जाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि गीले कचरे में वह कचरा आता है, जिसमें 70 फीसद तक पानी होता है और जिसे पशु आदि खा सकें। यह बचा हुआ भोजन या उसका अवशेष होता है। इसी प्रकार से सूखा कचरा में प्लास्टिक, पेपर, शीशा या मेटल शामिल है।
सीईओ ने कहा कि कूड़ा पैदा करने की तीन ईकाइयां होती है, जिसमें घरेलु, व्यवसायिक व संस्थागत शामिल है, उन्होंने कहा कि किसी भी शहर की आबादी का बटा चार कूडा-कर्कट पैदा करने वाली ईकाई होती है। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी में लगभग प्रतिदिन 80 टन कूड़ा निकलता है। उन्होंने कहा कि लोग जब तक यह नहीं समझेंगे कि मेरा कूड़ा मेरी जिम्मेदारी तब तक इसे निजात मिलना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि 1970 से पहले शहर साफ होते थे, उस समय प्लास्टिक का उपयोग नहीं होता था। उस समय लोग गीला कूड़ा को नहीं फैकते थे, बल्कि गीले कूड़े से हमेशा खाद बनाते थे।

फीडबैक फाउंडेशन के सीइओ ने कहा कि रेवाड़ी नगर परिषद घरों में ही गीले कचरे से खाद बनाने को बढ़ावा दिया जाएं। इसके लिए शहरवासियों को जागरूक किया जाएं। इस कार्यशाला में उन्होंने अपने घर के किसी कोने में गड्ढा कर इसमें गीला कचरा यानि रसोई व बगीचे का कचरा इसमें डालने के लिए प्रेरित किया गया। इस गीले कचरे को गड्ढे में डालकर कुछ दिनों के लिए ऊपर से ढकने के दो हफ्तों बाद इसकी खाद बनाई जा सकती है जिसे वह अपने गार्डन व खेतों में इस्तेमाल कर सकते है।
इन बिदुओं पर देना होगा ध्यान:
अजय सिन्हा ने कहा कि हमें सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से घर-घर जाकर लोगों को कचरे की छंटनी के बारे में समझाना है। घरों से कचरा उठान का कार्य सुबह दस बजे तक करवाना होगा। गीले औैर सूखे कचरे की छंटाई के कार्य को सुचारू करवाना होगा। कचरा उठाने वाले वाहनों के चार भाग करवाने होंगे।  मिक्स कचरा उठान पर रोक लगानी होगी।

डीसी यशेन्द्र सिंह ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर ओरिएंटेशन वर्कशॉप के आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है। साफ-सफाई जीवन में चलने वाली निरंतर प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया के तहत हम जितनी कम गंदगी फैलाएंगे, उतना ही आसपास का परिवेश स्वच्छ होगा। जहां पर स्वच्छता होती है, वहां पर परमात्मा का निवास होता है। हम सभी को इस मुहिम में अपनी सहभागिता देनी चाहिए। सभी को गंभीरता से इस विषय पर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि हम कहते हैं कि कूड़े वाला आया है, हमें इस अवधारणा को बदलने की जरूरत है, क्योंकि वो सफाई वाला है, कूड़े वाले तो हम हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे गली व सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा न फेंके और घरों में गीला-सूखा कचरा आदि के डस्टबीन रखें।
एसडीएम व नगरपरिषद के प्रशासक रविन्द्र यादव ने इस मौके पर कहा कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए शहर के नागरिकों को गीला, सूखा कचरा प्रबंधन की जानकारी देनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक स्वच्छता अपनाने को अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाने में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता में रैंकिग सुधारना शहरवासियों के हाथ में है।
फीडबैक फाउंडेशन के सीईओ अजय सिन्हा ने इसमें रिसोर्स पर्सन के तौर पर हिस्सा लिया। अजय सिन्हा व उनका एनजीओ पिछले कई सालों से देश को खुले में शौच मुक्त बनाने और शहरों को साफ बनाने के प्रयासों में जुटा है।
कार्यशाला में भाग लेने वाले लोगों से इस विषय में सही प्रश्रो का उत्तर देने पर सम्मानित भी किया गया।

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