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Loksabha Election 2024 : शिक्षण संस्थान और धार्मिक स्थलों का चुनाव प्रचार में नहीं किया जा सकता प्रयोग

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Loksabha Election 2024  की तारीखों का ऐलान होते ही देशभर में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसलिए आपके लिए ये जानना जरूरी है कि आचार संहिता में अधिकारी नेताओं को किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। रेवाड़ी उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी राहुल हुड्डा ने अधिकारी/ कर्मचारियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के चुनाव प्रचार का हिस्सा ना बने । अगर ऐसा करता कोई पाया जाता है तो उनके खिलाफ भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

चुनाव प्रचार में शिक्षण और धार्मिक स्थलों का नहीं किया जा सकता इस्तेमाल

इसके अलावा आचार संहिता के दौरान कोई भी नया कार्य शुरू नहीं किया जा सकता है। जो कार्य पहले से चल रहे है वे ही जारी रह सकते है। सरकारी विश्राम गृह को राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल नहीं लिया जा सकता, शिक्षण संस्थाओं व धार्मिक स्थानों का भी चुनाव प्रचार के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता है।

बिना अनुमति नहीं लगाए जा सकते पोस्टर, बैनर 

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आदर्श आचार संहिता के दौरान किसी भी सरकारी व अर्ध सरकारी एवं निजी सम्पत्ति पर किसी प्रकार का राजनीतिक संदेश, होर्डिंग्ज, पोस्टर, वाल पेंटिंग आदि नहीं लगाई जा सकती है। दी हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट आफ प्रॉपर्टी एक्ट, के अनुसार ऐसा करना अपराध है।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिला के सभी अधिकारियों को लोकसभा चुनाव के दौरान जिला मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं। चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न होने तक किसी भी समय जिला के अधिकारियों की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जरूरी परिस्थितियों में ही केवल पूर्व स्वीकृति लेकर ही जिला मुख्यालय छोड़े। उन्होंने कहा है कि आदेशों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।