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जागरूकता ही साइबर क्राइम से बचाव, पुलिस ने साँझा की बचाव के लिए टिप्स

जागरूकता ही साइबर क्राइम से बचाव, पुलिस ने साँझा की बचाव के लिए टिप्स

पुलिस अधीक्षक रेवाडी ने साईबर सुरक्षा जागरुकता दिवस के उपलक्ष्य बढ़ते साईबर अपराध से बचाव व जागरुकता के लिए आम जनता से अपील की है की इस समय साईबर अपराधियों द्वारा नवीनतम तकनीकी हथकंडे अपनाकर पैसे व पर्सनल जानकारी हथियाई जा रही है। आज कोविड-19 महामारी के चलते हम घर से ही अपना काम ऑनलाईन माध्यम से करते है व अपनी निजता व डाटा की सुरक्षा के लिए Hotspot Shield,NordVPN,AvastSecureline जैसे वी.पी.एन. इस्तेमाल करते है जिसका फायदा साईबर अपराधी उठाते है व हुबहु इन वी.पी.एन. जैसी मिलती-जुलती फेक वेबसाईट तैयार करते हैं जिसे असल वेबसाईट व वेब एप्लीकेशन से अंतर कर पाना मुश्किल होता है।

गूगल सर्च में फेक वीपीएन से बचें कैसे बचें

हम  वी.पी.एन. इस्तेमाल करने के लिए गुगल सर्च करते हैं जहाँ सर्च रिजल्ट में हमें फेक वी.पी.एन. का लिंक मिलता है जहाँ से हम मालवेयर डाऊनलोड  करते हैं जो हमारे कंप्युटर सिस्टम में इंस्टाल होकर बैकग्राऊंड में हमारा पर्सनल डाटा डिलीट,मोडिफाई  व रिमोट सर्वर पर सैंड करते हैं व कंप्युटर सिस्टम की रक्षा प्रणाली को बंद कर स्पाईवेयर का काम करते हैं। इससे बचाव के लिए हमेशा  विश्वसनीय वेबसाईटस से ही वी.पी.एन. डाउनलोड करे , मेल,मैसेज व चैट से प्राप्त संदिग्ध अटैचमैंट को खोलने से बचे ,डाउनलोडेड फाईल के एक्सटेंशन को अच्छे से चैक करे ,अपने ऑपरेटिंग सिस्टम व एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को निरंतर अपडेट करते रहे व और अधिक जानकारी के लिए ट्वीटर पर @CyberDost को फोलो करे व cybercrime.gov.in को विजिट करें ।

https://twitter.com/Cyberdost/status/1445658438931869699/photo/1

लुभावने जॉब ऑफ़र देना भी ठगी का तरीका  

कोविड-19 के चलते ही वर्क फ्रोम होम का कल्चर बढा है ,इसी के चलते फ्रोडस्टर whatsappके माध्यम से “Spend a few minutes every day, You can earn 30,000 rupees per month !Let us unite .Beat the new coronavirus Long press the message or reply to number 1 to join us” जैसे मैसेज सर्कुलेट करते है व अच्छे पैकेज का लालच देते हैं । इसी के बहकावे में आकर यूजर लिंक पर क्लिक करके अपनी सारी बैंकिंग डिटेल्स ,ओ.टी.पी. व अपनी फोटो आई.डी. दे देता है ,जिससे उसे आर्थिक ऩुकसान उठाना पड़ सकता है व वह अपने व्हाट्सएप अकाऊंट से भी हाथ धो सकता है।

इससे बचने के लिए  मेल,मैसेज व चैट से प्राप्त होने वाले किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचे व यू.आर.एल. को अच्छी तरह से चैक करें ,सोशल मीडिया पर फेक न्यूज व लिंक शेयर ना करें ,अपने फोन में कोई भी थर्ड पार्टी एप इंस्टाल ना करें व सिर्फ गूगल प्ले स्टोर से ही एप व एंटी-वायरस एप्लीकेशन इंस्टाल करें । अधिक जानकारी के लिए ट्वीटर पर @CyberDost को फोलो करे व  cybercrime.gov.in को विजिट करें ।

https://twitter.com/Cyberdost/status/1444916536716644353/photo/1

बड़ी रकम देने का लालच

इसी में साईबर अपराधी सोशल मीडिया पर मेल, मैसेज व चैट भेजकर बिजनैस शुरु करने की एवज में बड़ी रकम देने का लालच देते है व अमीर व प्रभावी व्यक्ति होने का दिखावा करते है लेकिन बिजनैस शुरु करने के लिए डोक्युमैंटेशन ,कस्टम व अन्य टैक्स के नाम पर कुछ पैसे जमा करने के लिए कहते है व पैसा अपने खाते में प्राप्त करने के बाद पीड़ित से संपर्क खत्म कर लेते हैं  ।

इस तरह साईबर अपराधी पीड़ित की आई.ड़ी. ,क्रेडिट कार्ड व अन्य जानकारी ले लेते हैं जिसका इस्तेमाल वो और साईबर अपराध करने के लिए करते हैं ।इससे बचने के लिए  अपरिचित स्रोतों से प्राप्त मेल,फाईल व डाटा को अच्छी तरह जाँच लें,किसी भी अपरिचित के पास बिना विश्वसनीयता जाँचे पैसे ना भेजे व अगर आपने अपनी बैंकिंग डिटेल्स फ्रोडस्टर को दे दी है तो तुरंत अपने बैंक को इसकी सूचना दे,यदि वह आपको धमकाता है तो तुरंत पुलिस की मदद लें व इस घटना को cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें व ट्वीटर पर @CyberDost को फोलो करें।

Ransomeware भी एक तरह का मालिसियस सॉफ्टवेयर है जो पीड़ित के डाटा को अन्क्रिप्ट कर देता है व वापिस डिक्रिप्ट करने की एवज में फिरोती मांगता है ।इसी का नवीनतम संस्करण “SarblohRansomware“ है जो खालसा साईबर फौज द्वारा बनाया गया है व ई-मेल के माध्यम एम.एस. वर्ड की फॉर्म में से भेजा जाता है लेकिन इसमें फिरौती की जगह कृषी कानूनों को रद्द करने की मांग की जाती है ।अभी तक इसमें कोई कमी नहीं पाई गई है जिससे इसे रोक पाना बहुत मुश्किल है ।

इससे बचने के लिए  मेल,मैसेज व चैट से प्राप्त होने वाले किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचे, अपने ऑपरेटिंग सिस्टम व एंटी वायरस सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें,मैक्रोज,(विंडोज पावरसैल) को डिसेबल रखे, सुरक्षित वेब ब्राउजर का इस्तेमाल करे,समय-समय पर अपने डाटा का बैकअप एक्सटर्नल हार्ड-डिस्क में रखे व अपने फायरवाल को एक्टिव रखे व फिरोती ना दे ।

  • अज्ञात स्त्रोतो से प्राप्त लिंक पर क्लिक ना करे क्योकि साईबर अपराधी आपके फोन से महत्वपूर्ण बैंकिग वा व्यक्तिगत डाटा चुरा सकते है ।
  • “POUP APP” के बहकावे मे ना आये क्योकि उन्हे लोगो पर उनकी पसन्द व पैटर्न के आधार पर हमला करने के लिए कस्टम डिजाईन किया जाता है ।
  • किसी भी आनलाईन फार्म मे अपना पासवर्ड तब तक ना भरे जब तक यह बिल्कुल अति आवश्यक ना हो  ।
  • आमजन को अपनी फेसबुक प्रोफाईल को हमेशा लाँक करके रखना चाहिये ताकि कोई फ्रोड
  • आदमी उसके माध्यम से पर्सनल जानकारी हासिल ना कर सके ।
  • जो भी व्यक्ति फेसबुक , मेल आई.डी , इन्स्टाग्राम इत्यादि शोशल मिडिया एप्लीकेशन प्रयोग करते वो अपने सभी एप्लीकेशन पर जटिल पास्वर्ड का प्रयोग करे ।
  • फेसबुक पर आने वाली फ्रैन्ड रिकवेस्ट को बगैर जान पहचान /वैरीफाईकिये बिना स्वीकार ना करे ।
  •   फेसबुक , मेल आई.डी, इन्स्टाग्राम इत्यादि शोशल मिडिया पर अपनी पर्सनल सूचना सांझा ना करे ।

 

आज साईबर सुरक्षा जागरुकता दिवस के उपलक्ष्य पर पुलिस अधीक्षक रेवाडी के दिशानिर्देशानुसार थाना साईबर क्राईम साऊथ रेंज रेवाडी कि टीम द्वारा साईबर चौपाल का आयोजन किया गया है। जिसमे थाना का टीम ने ग्राम मे रहने वाले आमजन को वाईस तथा एस.एम.एस फिशिंग ईमेल से बचने के तरीको के बारे मे समझाकर उन्हे साईबर अपराध से सतर्क रहने बारे मे बतलाया है।

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