हरियाणा

कोरोना नियमों का उलंघन करने वाले संस्थानों पर लगेगा 5 हजार का जुर्माना

कोरोना नियमों का उलंघन करने वाले संस्थानों पर लगेगा 5 हजार का जुर्माना


हरियाणा सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा की अवधि नए नियमों के साथ आगामी 12 जनवरी को प्रात: पांच बजे तक बढ़ा दी गई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चेयरमैन एवं डीसी यशेन्द्र सिंह ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 व 34 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला में नई गाइडलाइन लागू करने के आदेश जारी किए हैं। जिला में नो मास्क-नो सर्विस का नियम लागू रहेगा। वहीं रात्रि 11 बजे से प्रात: 5 बजे तक नाइट कफ्र्यू भी जारी रहेगा।

 

 वैक्सीन नहीं तो एंट्री नहीं-
डीसी यशेन्द्र सिंह ने जारी आदेश में सार्वजनिक स्थलों जिनमें सब्जी मंडी, अनाज मंडी, सार्वजनिक परिवहन (बस स्टेंड व रेलवे स्टेशन), पार्क, धार्मिक स्थलों, रेस्टोरेंट्स, बार, होटल, डिपार्टमेंटल स्टोर्स, राशन की दुकानों, शराब व वाइन शॉप, मॉल्स, शॉपिंग कांप्लेक्स, सिनेमा हॉल, हाट, स्थानीय बाजार, पेट्रोल पंप व सीएनजी स्टेशन, एलपीजी सिलेंडर कलेक्शन सेंटर, मिल्क बूथ, योगशाला, जिम व फिटनेस सेंटर, सभी सरकारी, बोर्ड, निगम कार्यालयों, निजी व सरकारी बैंकों में उन्हीं को प्रवेश मिलेगा जिनको दोनों डोज लगी हो। इन आदेशों की अनुपालना संबंधित संस्थाओं के मालिक व प्रबंधन की जिम्मेवारी होगी। ट्रक व आटो रिक्शा यूनियन भी केवल वैक्सीन लगवा चुके लोगों को वाहन में बैठाएंगे।

कोविड रोधी वैक्सीन 15 वर्ष से अधिक आयु के लिए जरूरी-
जारी आदेशों में कोविड-19 रोधी वैक्सीन 15 वर्ष से अधिक पात्र व्यक्तियों के लिए आवश्यक होगी। जिन लोगों को पहली डोज लग चुकी हो और दूसरी डोज के लिए निर्धारित अवधि पूरी नहीं हो उन पर दूसरी डोज का नियम लागू नहीं होगा। कोवैक्सीन के लिए 28 दिन व कोवि-शील्ड के लिए 84 दिन का समय निर्धारित है।

वैक्सीन स्टेटस की जांच के लिए दूसरी डोज के सर्टिफिकेट की हार्ड या सॉफ्ट कॉपी, दूसरी डोज की अवधि की जांच के लिए पहली डोज का सर्टिफिकेट, जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं हो उनको कोविन पोर्टल से भेजे गए टेक्सट मैसेज को वैक्सीनेशन का आधार माना जाएगा इसके अतिरिक्त आरोग्य सेतु एप के माध्यम से भी वैक्सीनेक्शन स्टेट्स की जांच होगी।

जिला में सभी शिक्षण संस्थान रहेंगे बंद-
महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा की नवीनतम गाइडलाइन के तहत जिला के सभी सरकारी व निजी स्कूल, कॉलेज, पॉलीटेक्निक, कोचिंग संस्थान, लाइब्रेरी, महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र व क्रेच इस इस अवधि के दौरान बंद रहेंगे। वहीं अंतिम संस्कार के लिए 50 व्यक्तियों व विवाह के लिए 100 व्यक्तियों से अधिक एकत्रित नहीं हो सकेंगे।

इन स्थानों पर कोविड उपयुक्त व्यवहार व सोशल डिस्टेसिंग का सख्ती से पालन होना चाहिए। इसी तरह सिनेमा हाल, रेस्टोरेंट्स, बार, जिम, स्पा व क्लब हाऊसेस आदि अपनी क्षमता के 50 फीसदी की सीटिंग सोशल डिस्टेसिंग व कोविड उपयुक्त व्यवहार के साथ संचालन कर सकेंगे।

जहां मिलेगा उल्लंघन संस्था पर भी लगेगा पांच हजार का जुर्माना-
डीसी ने बताया कि नवीनतम आदेशों में जहां भी कोविड उचित व्यवहार जिसमें मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग व वैक्सीन की भी एक भी डोज नहीं लगवाने वालों के साथ-साथ दूसरी डोज ड्यू होने वालों पर भी 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। अगर किसी संस्थान में भी कोविड उचित व्यवहार का उल्लंघन मिला तो संबंधित संस्थान पर भी 5000 रुपए का जुर्माना होगा। जुर्माना न अदा करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 व 60 के अतिरिक्त भारतीय दंड संहिता 188 के तहत कार्रवाई होगी। जिलावासियों को कोविड से बचाव के लिए फाइव फोल्ड स्ट्रेटजी पर सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है।

खेल परिसरों पर लागू होंगे नियम-
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चेयरमैन एवं डीसी के जारी आदेशों में खेल परिसरों के संचालन के लिए भी गाइडलाइन जारी की गई है। संपर्क वाले खेलों को छोड़ कर खेल परिसर व स्टेडियम ऑउट डोर खेल प्रतियोगिताओं सहित खेल गतिविधियां कोविड उचित व्यवहार की पालना सुनिश्चित करने के साथ जारी रहेंगी।

इन गतिविधियों के दौरान सामाजिक दूरी, खेल परिसर का नियमित सेनिटाइजेशन तथा कोविड उचित व्यवहार का पालन सुनिश्चित करना होगा। जारी आदेशानुसार एक समय में 50 व्यक्तियों के साथ धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति होगी। इन स्थलों पर सामाजिक दूरी नियमित सेनेटाइजेशन तथा कोविड उचित व्यवहार की शर्तों का पालन करना होगा।

इन आदेशों की अनुपालना होगी सुनिश्चित-
इन आदेशों को प्रभावी रूप से लागू करवाने के लिए पुलिस अधीक्षक, सभी उपमंडल अधिकारी (ना0), ईओ नगर परिषद, सचिव नगर पालिका, बीडीपीओ व सभी इंसीडेंट कमांडर कोविड-19 के नियंत्रण के लिए फाईव फोल्ड स्ट्रैटजी टैस्ट-ट्रेस-ट्रैक-वैक्सीनेशन-कोविड-19 उचित व्यवहार की पालना सुनिश्चित करेंगे।

सभी इंन्सीडेंट कमांडर अपने-अपने इलाकों में इन आदेशों को लागू करने के लिये उत्तरदायी होंगे। इन आदेशो की उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 और आई पी सी की धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाएगी। नवीनतम गाइडलाइन के बारे में जिला की वेबसाइट झज्जर.एनआईसी.इन से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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