हरियाणा

अहीर रेजिमेंट अहीर सैनिकों द्वारा दिए गए बलिदान के सम्मान में होगी सच्ची श्रद्धांजलि: अभय सिंह चौटाला

इनेलो प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट बनाने की मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि अहीर रेजिमेंट का गठन युद्ध के दौरान दुश्मन सेना के साथ बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हुए अहीर सैनिकों द्वारा दिए गए बलिदान के सम्मान में सच्ची श्रद्धांजलि होगी। दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और गुरूग्राम जिले अहीरवाल क्षेत्र में आते हैं जहां से प्रदेश के सबसे ज्यादा लोग आर्मी में भर्ती होते हैं।

इनेलो पार्टी राव तुला राम की पुण्यतिथि पर हर साल 23 सितंबर को शहीदी दिवस के रूप में मनाती है। राव तुला राम जो अंग्रेजों के खिलाफ 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में देश के प्रमुख नेताओं में से एक थे। 1962 की जंग में रेजांगला सेक्टर में मेजर शैतान सिंह समेत 114 अहीर जवान शहीद हो गए थे। 18 नवंबर को हर साल शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह अहीर समाज के लिए ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए गौरव की बात है। मेजर शैतान सिंह जो बहादुरी की एक जीती जागती मिसाल हैं उन्हें रेजांगला युद्ध में मरणोपरांत देश के सर्वोच्च मेडल परमवीर चक्र और शहीद हुए 13 कुमाऊं रेजीमेंट की चार्ली कंपनी के आठ अहीर जवानों को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

अंग्रेजों की नीति हमेशा मार्शल कौम को आगे रखने की होती थी। खेती से जुड़ी सभी जातियां जिसमें जाट, अहीर, राजपूत, गुज्जर आदि मार्शल कौम मानी जाती हैं इसलिए अहीर रेजिमेंट बनाने की मांग जायज है। अभय सिंह चौटाला ने रिटायर्ड ले.जन. आरएस कादयान द्वारा दिए गए बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अहीर रेजिमेंट बनाने की मांग का पुरजोर समर्थन किया।

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