Rewari: डीसी अशोक कुमार गर्ग ने पशुपालकों को गर्मियों में पशुओं की देखभाल पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने बताया कि लू की स्थिति में पशुओं का दूध उत्पादन, पाचन प्रणाली व प्रजनन क्षमता व स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि पशुधन को भीषण गर्मी, लू एवं तापमान के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए एहतियात बरतने की आवश्यकता होती है।
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पशुशाला को साफ-सुथरा व हवादार बनाए
अपने पशुओं को दिन में 2 बार पूर्ण रूप से नहलाएं तथा 5-6 बार उसके सिर व पुंछ पर पानी का छिड़काव करें। इसके अलावा पशुओं को दिन में 3 से 4 बार पानी पिलाएं। उन्होंने पशुपालकों को बढते तापमान के दुष्प्रभावों से पशुओं को बचाने के लिए अपने पशुओं को ठंडे स्थान पर रखने, पशुशाला को साफ-सुथरा व हवादार बनाने, प्रत्येक पशु को उसकी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने का सलाह दी।
अधिक मात्रा मे खिलाएं हरा चारा
Rewari DC ने बताया कि गर्मी के मौसम में पशुओं के आहार में हरे चारे की अधिक मात्रा उपलब्ध करानी चाहिए क्योंकि एक तो वो पौष्टिक व स्वादिष्ट होता है व दूसरा इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है जिससे पशुओं में पानी की कमी नहीं आती है। बढ़ते गर्मी मौसम में अपने पशुओं को सुबह व सायं के समय की निकालें। उन्होंने बताया कि किसी पशु में हांफने या हीट ट्रोक की स्थिति में पूरे शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करना चाहिए।
नजदीकी पशु चिकित्सक को दिखाएं
1 अगर किसी पशु को हीट स्ट्रोक की स्थिति में पानी छिड़कने से कोई लाभ ना हो तो तुरन्त अपने नजदीकी पशु चिकित्सक को दिखाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सभी पशुपालकों को पशुओं के डालने की आहार के प्रतिदिन 50 ग्राम खनिज मिश्रण सलाह है क्योंकि इसके नियमित तौर पर देने से पशुओं का स्वास्थ्य, दूध उत्पादन व प्रजनन क्षमता सही रहती है।






