ज्योतिष

हमें रोटी गिनकर क्यों नही बनानी चाहिए,जानिए इसके पीछे क्या है वजह

हमारा देश में पुरानी परम्पराओं को बहुत ज्यादा माना जाता है लेकिन अब पश्चिमी संस्कृति को लोग ज्यादा मानने लग गए है.जिसके वजह से हमारे देश में पुरानी परम्पराए का वजूद ख़त्म होता नजर आ रहा है.हमारे बड़े बुजुर्ग हमें जिन परम्पराओंके बारे में बताते है वे बहुत उचित रहती है. हमारे हिंदू धर्म में एक परम्परा है रोटी गिनकर ना तो बनाना चाहिए और ना ही खिलाना चाहिए.इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण और कई धार्मिक कारण भी है.

पहले के समय में रोटी बनाते समय एक रोटी गाय की और एक कुत्ते की बनाई जाती थीं. इसके अलावा दो रोटियां मेहमान के लिए बनाने की भी परम्परा थी लेकिन धीरे- धीरे ये परमपराएं खत्म होती जा रही है. आज के आधुनिक युग में न्यूक्लियर फैमिली को बढ़ावा दिया जाने लगा है जिसके वजह से घर में सदस्य कम होने के कारण रोटियां भी गिनकर बनाई जाने लगी है. इसका सेहत पर धार्मिक और वैज्ञानिक कारण की वजह से प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल रहा है.

 

 

धार्मिक और ज्योतिषी कारण

रोटी का संबंध सूर्य और मंगल ग्रह से माना जाता है और फ्रिज में रखे हुए आटे में जो बैक्टीरिया उत्पन्न हो जाते हैं उनका संबंध राहू से हो जाता है. इस रोटी को कुत्ते को खिलाना चाहिए ‌लेकिन हम ऐसा नहीं कर उस बासी रोटी को खुद खा रहे हैं. ऐसे में हम सामान्य से तेज आवाज में बोलने लग जाते हैं और घर में लड़ाई जैसी परिस्थिति उत्पन्न हो जाती है और घर की शांति भंग हो जाती है. यदि आप लड़ाई- झगड़े और अशांति से बचकर रहना चाहते हैं तो हमेशा एक रोटी गाय और एक रोटी कुत्ते की बनाएं. इसके अलावा दो रोटी अप्रत्यक्ष रूप से आने वाले मेहमानों के लिए जरूर बनाएं. अगर यह रोटियां बच जाती है तो इन्हें पशु पक्षी को खिला सकते हैं.

 

इस पीछे ये है वैज्ञानिक कारण

रोटियां गिनकर बनाने के पीछे वैज्ञानिक कारण भी है.हमें कभी भी बासी आते की रोटी नही बनानी चाहिए. जब हम घर में गिनकर रोटी बनाते है तो बचे हुए आटे को हम फ्रिज में रख देते है.फ्रिज में रखे हुए इस आटे में बैक्टीरिया उत्पन्न हो जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद ख़तरनाक साबित होते हैं.

 

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