मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई हाई पावर लैंड परचेज कमेटी की बैठक, विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि की खरीद को मिली स्वीकृति

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा सरकारी परियोजनाओं के लिए भू-मालिकों से उनकी सहमति से जमीन खरीदने हेतु आरंभ किया गया ई-भूमि पोर्टल कारगर सिद्ध हो रहा है। अब सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण नहीं किया जाता बल्कि सीधे भू-मालिकों से संवाद कर एक निश्चित दरें तय करके उनकी सह‌मति से जमीन खरीदी जाती है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज यहां हुई हाई पावर लैंड परचेज कमेटी (एचपीएलपीसी) की बैठक में टोहाना बस स्टैंड व फतेहाबाद नई जेल सहित अन्य परियोजनाओं के लिए 68 एकड़ जमीन की खरीद को मंजूरी प्रदान की गई। इस पर लगभग 44 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

बैठक में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, ऊर्जा मंत्री रणजीत सिंह और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता उप‌स्थित थे। इनके अलावा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तावित सरकारी परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन देने वाले भू-मालिकों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े संबंधित जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि भू-मालिकों द्वारा उनकी सहमति से दी गई भूमि खरीदने के बाद प्रस्तावित परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए।

बैठक में जिला फतेहाबाद में नई जिला जेल के लिए 45 एकड़ तथा टोहाना में नये बस स्टैंड के लिए 6 एकड़ भूमि की खरीद को मंजूरी दी गई। बल्लभगढ़ पाली धौज सोहना रोड पर मुंबई-दिल्ली रेलवे लाइन पर बने 2 लेन आरओबी को फोरलेन करने के लिए 0.89 एकड़ जमीन की खरीद को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा, करनाल में बने एसटीपी के विस्तार के लिए 0.42 एकड़ भूमि की खरीद को भी स्वीकृति दी गई।

इसी प्रकार, अंबाला जिला में टांगरी नदी पर ललियाणा से छोटा बरोला तक सड़क के निर्माण के लिए 2.60 एकड़, हिसार जिले में डाट्टा से लोहारी राघो तक की सड़क को चौड़ा करने के लिए 5 एकड़, अंबाला-सहारनपुर रेलवे लाइन पर लाडवा सरस्वती सड़क पर 2 लेन आरओबी के निर्माण के लिए 3.1 एकड़, गन्नौर में त्योड़ी से बजाना कलां तक नई सड़क के निर्माण के लिए 3 एकड़ तथा जिला सोनीपत में नरेला रेलवे स्टेशन के निकट 2 लेन आरओबी बनाने के लिए 0.99 एकड़ भूमि की खरीद को मंजूरी दी गई।

मनोहर लाल ने भू- मालिकों से बातचीत करते हुए कहा कि उनके इलाकों में सरकारी परियोजनाओं के विकास से उनके साथ- साथ आसपास के गांवों को भी काफी फायदा होगा और निश्चित रूप से विकास के साथ-साथ रोजगार, व्यवसाय जैसे कई अन्य अवसरों के द्वार भी खुलेंगे।