IGU Mirpur: इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर पहुंचे मूलचंद शर्मा ने कहा की रेवाड़ी का गौरवशाली इतिहास रहा है और बलराम जी की पत्नी रेवती के नाम पर इसका यह नाम प्रसिद्ध हुआ था। यह वीरों की धरती है और आज देश की सेना में भर्ती हुआ हर दसवां जवान हरियाणा से और वह भी मुख्यतः रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ व झज्जर जिले से आता है। इस प्रकार के शिविर विद्यार्थियों को परस्पर दूसरे राज्यों की संस्कृति, बोली व रीति-रिवाजों को समझने और इनका आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान करते हैं जिससे विद्यार्थियों का संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास होता है।
उन्होंने कहा कि एनएसएस (NSS) से जुड़े स्वयंसेवक हर आपदा एवं शांति के समय समाज सेवा के क्षेत्र में बढ़-चढ़कर अपना योगदान देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 तक पूरे हरियाणा प्रदेश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि कोई भी व्यक्ति पढ़ लिखकर बेरोजगार ना रहे। उसके कौशल का विकास किया जा सके जिससे वह रोजगार पाने वाला ना बनकर दूसरों को रोजगार देने में सक्षम बन सके।
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय नवनिर्मित विश्वविद्यालय है और प्रदेश के स्थापित विश्वविद्यालयों की श्रेणी में आकर खड़ा होने के लिए इसे अनुदान व सहायता की विशेष जरूरत है। परिवहन मंत्री होने के नाते मैं यह आश्वासन देता हूं की यहां की बेटियों को बसों के कारण कोई असुविधा नहीं होगी और हम पर्याप्त बस उपलब्ध करवाएंगे। उन्होंने अपने कोष से ₹5,00,000 का अनुदान भी घोषित किया और साथ ही यह आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय के संरचनात्मक ढांचे व ऑडिटोरियम आदि के निर्माण में जो भी संभव सहयोग हो सकेगा वह इसके लिए करते रहेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. जय प्रकाश यादव ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हमारे यहां के छात्र व स्वयंसेवक हर एक सांस्कृतिक, सामाजिक व खेल संबंधी गतिविधियों में आगे रहते हैं। उन्होंने बताया कि एनएसएस (NSS) का प्रतीक चिन्ह कोणार्क के सूर्य मंदिर से प्रेरित है जिसकी 8 तीलियां 8 पहर को बताती है। एक पहर 3 घंटे का होता है इस प्रकार एनएसएस (NSS) यह प्रेरणा देता है कि हमें 24 घंटे सेवा भाव के साथ जुटे रहना चाहिए।
इस कार्यक्रम में एनएसएस (NSS) क्षेत्रीय निदेशालय दिल्ली से मनोज कुमार भी उपस्थित रहे। राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान वर्ष में आयोजित किया जा रहा यह तीसरा राष्ट्रीय एकता शिविर है, चौथा शिविर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में चल रहा है और पांचवा कल से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में शुरू होगा।
एनएसएस का लक्ष्य प्लास्टिक मुक्त प्रदेश बनाने का है और हमने 200000 पौधे लगाने का संकल्प लिया है। हरियाणा प्रदेश में 153600 एनएसएस स्वयंसेवक हैं जो समाज सेवा में तत्पर रहते हैं। इस शिविर के दौरान आयोजित की गई विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं के विजेताओं को मुख्य अतिथि द्वारा मेडल देकर सम्मानित किया गया।