नेताजी सुभाष चंद्र बोस: जानिए 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है

नेताजी सुभाष चंद्र बोस को महान क्रांतिकारी, देशभक्त व राष्ट्रवादी थे। उन्होंने अपनी अद्भुत संगठन क्षमता, अद्वितीय साहस और असाधारण नेतृत्व कौशल से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दिखाई। HTET EXAM: हरियाणा में जुलाई में होगा HTET एग्जाम, गृह जिले ...

नेताजी सुभाष चंद्र बोस को महान क्रांतिकारी, देशभक्त व राष्ट्रवादी थे। उन्होंने अपनी अद्भुत संगठन क्षमता, अद्वितीय साहस और असाधारण नेतृत्व कौशल से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दिखाई।

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नेता जी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 में उड़ीसा राज्य के कटक शहर में हुआ था। सुभाष चंद्र बोस के पिता जी का नाम जानकी नाथ बोस और माता का नाम प्रभावती बोस था। सुभाष चंद्र बोस के पिता जी जानकी नाथ बोस पैशे से वकील थे।सुभाष चंद्र बोस के कुल मिलकर 13 भाई बहन थे।नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 1918 में स्कॉटिश चर्च कॉलेज से बी.ए की डिग्री हासिल की थी ।नेताजी को 1923 में ऑल इंडिया युथ का प्रेसिडेंट चुना गया था ।सुभाष चंद्र बोस जी ने आजाद हिंद फौज का गठन किया था।

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नेताजी का यह मानना था कि अहिंसा के बल पर आज़ादी नही मिल सकती।‘तुम मुझे खून दो मै तुम्हे आज़ादी दूंगा’ नेताजी सुभाष चंद्र जी का ही नारा है। 18 अगस्त 1945 में ताइहोकू में विमान क्रैश में उनकी मृत्यु हो गयी थी, परन्तु उनका शव आज तक प्राप्त नहीं हुआ।नेता जी को मरणोपरांत 1992 में भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था।

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