Operation Sindoor: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बदले में भारतीय सेना ने बीती रात पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को एयरस्ट्राइक कर नष्ट कर दिया। देर रात भारतीय सेना द्वारा किए गए इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन सिंदूर रखा गया। इस एयरस्ट्राइक में 90 पाकिस्तानी आतंकी ढेर हुए हैं।
सेना ने बुधवार सुबह ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देते हुए अपनी दो जांबाज महिला अधिकारियों को सामने किया। इसमें वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह थी और दूसरी भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी। दोनों ने मिलकर पाकिस्तान को पोल खोली और बताया कि कैसे भारतीय सेना ने हमले कर पाकिस्तान में चल रही आतंकी की फैक्ट्रियों को खत्म कर दिया। सोफिया सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर तैनात है। वहीं व्योमिका सिंह भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर है।
कर्नल सोफिया कुरैशी काफी लंबे समय से धैयर और प्रगति का प्रतीक रही हैं। उन्होंने पुणें में आयोजिते बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास-एक्सरसाइज फोर्स 18-में भारतीय सेना की टुकड़ी की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी के रूप में इतिहास रचा था।
सोफिया के घर से कई लोग सेना में रहे हैं। सोफिया के दादा आर्मी से रिटायर्ड थे, जबकि सोफिया की शादी मैकेनाइज्ड इन्फंट्री के एक अधिकारी से हुई है। पाकिस्तान की पोल खोलते हुए उन्होंन बताया कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए मासूमों को न्याय दिलाने के लिए भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया , जिसमें 9 आतंकी शिविरों को टारगेट करके उन्हें नष्ट किया गया।
विंग कमांडर व्योमिका की बात करें तो वह बचपन से ही भारतीय वायुसेना में जाना चाहती थी। वह भारतीय वायुसेना में हेलीकॉप्टर पायलट है। अब तक ढाई हजार से ज्यादा घंटे की उड़ान का अनुभव हासिल कर चुकी है। व्योमिका पूर्वोत्तर भारत के राज्यों और जम्मू-कश्मीर जैसे कठिन इलाकों में चीता और चेतक जैसे हेलीकॉप्टर उड़ा चुकी है। नवंबर 2020 में उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में एक काफी कठिन मिशन का नेतृत्व किया था और लोगों की जान बचाई थी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए व्योमिका ने कहा कि “पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर किया गया था। 9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर उन्हें सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। स्थानों का चयन नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने और किसी भी नागरिक की जान को नुकसान से बचाने के लिए किया गया था।”






