Ambedkar Jayanti 2026: अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक चिरंजीव राव ने आज नन्दरामपुर बास, रेवाड़ी में भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर चिरंजीव राव ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर भारतीय संविधान के निर्माता होने के साथ-साथ एक महान समाज सुधारक, अर्थशास्त्री, विधिवेत्ता और दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन को समाज में व्याप्त भेदभाव, छुआछूत और असमानता के खिलाफ संघर्ष में समर्पित कर दिया। उनका जीवन इस बात का प्रतीक है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा, संघर्ष और संकल्प के बल पर समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने देश को ऐसा संविधान दिया, जो न केवल शासन की रूपरेखा तय करता है, बल्कि हर नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार भी सुनिश्चित करता है। उन्होंने अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और वंचित समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए जो कार्य किए, वे सदैव प्रेरणादायक रहेंगे। उनके विचार आज भी देश को सही दिशा दिखाने का काम कर रहे हैं। चिरंजीव राव ने कहा कि बाबा साहेब का मानना था कि लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है, जिसमें हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया और कहा कि जब तक समाज का हर वर्ग शिक्षित और जागरूक नहीं होगा, तब तक सच्चा सामाजिक न्याय संभव नहीं है। चिरंजीव राव ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज देश में संविधान की मूल भावना को कमजोर करने के प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारों के लिए बाबा साहेब ने संघर्ष किया, आज उन्हें धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है और समाज में विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं, सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाया जा रहा है तथा दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों पर लगातार आघात हो रहा है। यह स्थिति बाबा साहेब के आदर्शों और उनके सपनों के भारत के विपरीत है।
चिरंजीव राव ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हमेशा से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी बाबा साहेब के सिद्धांतों पर चलकर देश में सामाजिक न्याय, समानता और भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करती रहेगी। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती हमें केवल उन्हें याद करने का अवसर नहीं देती, बल्कि यह हमें उनके विचारों को आत्मसात कर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प लेने की प्रेरणा देती है।








