PMAY-U 2.0: हरियाणा में जल्द ही शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का भी अपने घर का सपना साकार होगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (PMAY-U) 2.0 के तहत राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC) की तीसरी बैठक में राज्य के 60 शहरी स्थानीय निकायों में 2,646 लाभार्थियों के लिए आवास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
बैठक में 51 शहरी स्थानीय निकायों के 2,409 लाभार्थियों की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इसी दौरान 9 अन्य शहरी स्थानीय निकायों से 237 अतिरिक्त लाभार्थियों की परियोजनाएं भी प्राप्त हुईं। समिति द्वारा इनकी भी स्वीकृति प्रदान की गई। इस प्रकार इस चरण में कुल 60 शहरी स्थानीय निकायों के 2,646 लाभार्थियों को मंजूरी दी गई।
हाउसिंग फॉर ऑल विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल के माध्यम से अब तक 1,69,483 आवेदकों ने अपनी आवास मांग दर्ज कराई है। इनमें से 97,584 आवेदन बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC) श्रेणी में हैं, जबकि 71,899 आवेदन अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) श्रेणी में हैं।
BLC श्रेणी के अंतर्गत अब तक 46,902 आवेदनों का सत्यापन किया जा चुका है। इनमें से 17,465 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं और 29,437 आवेदन जांच के बाद अस्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा, 12,552 मकानों की जियो-टैगिंग भी की जा चुकी है, जो लाभार्थियों को केंद्रीय सहायता जारी करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
PMAY-U 2.0 के तहत 17,430 लाभार्थियों की आवास परियोजनाओं को केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है। यह मंजूरी 20 मार्च, 2025 और 15 अक्टूबर, 2025 को हुई केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठकों में दी गई। इसके साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा 2,174 मकानों के लिए केंद्रीय हिस्से की पहली किस्त के रूप में 1,304.40 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं।
PMAY-U 2.0 के BLC घटक के तहत पात्र लाभार्थियों को सभी मौसमों के अनुकूल बहुमंजिला पक्का मकान बनाने के लिए 2.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसमें 1.50 लाख केंद्र सरकार और 1.00 लाख राज्य सरकार का हिस्सा होता है। मकान का न्यूनतम कार्पेट एरिया 30 वर्ग मीटर तथा अधिकतम 45 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है।
बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए वार्षिक क्षमता निर्माण योजनाओं को भी मंजूरी दी गई, ताकि राज्य और शहरी स्तर पर योजना के क्रियान्वयन तंत्र को और मजबूत किया जा सके। इन योजनाओं के तहत सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों और 3 शहरी विकास प्राधिकरणों में 32 सिटी लेवल टेक्निकल सेल क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए क्षमता निर्माण के लिए कुल 704.45 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए 772.85 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह व्यय केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में साझा किया जाएगा। इसके अंतर्गत स्टेट लेवल टेक्निकल सेल और सिटी लेवल टेक्निकल सेल की स्थापना, जियो-टैगिंग, थर्ड पार्टी गुणवत्ता निगरानी, सोशल ऑडिट, प्रशिक्षण कार्यशालाएं और एक्सपोजर विजिट जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा 1 सितंबर, 2024 से लागू की गई PMAY-U 2.0 योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार ने केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर लिए हैं। साथ ही राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति तथा राज्य स्तरीय मूल्यांकन समिति का गठन भी किया जा चुका है। सभी शहरी स्थानीय निकायों को योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।






