बच्चे पर सांड ने किया हमला ,सीसीटीवी में कैद

रेवाड़ी शहर में बेसहरा पशुओं का आतंक 
बेसहरा पशु लोगों के लिए बड़ी मुसीबत 
नगर परिषद् पशुओं को बाड़े में पहुँचाने के लिए नहीं उठा रहा उचित कदम  
रेवाड़ी में बेसहारा पशुओं का आतंक आए दिन आम लोगों पर भारी पड़ रहा है । शहर में लंबे समय से बेसहारा पशुओं का जमावड़ा सड़क पर रहता है जिसके कारण आए दिन सड़क हादसे होते हैं और जाम लगता हैं । आवारा घूमने वाले सांड शहर की कॉलोनियों में जमकर उत्पात भी मचाते हैं । आए दिन रेवाड़ी शहर के अंदर इस तरह की घटनाएं सामने आती है जिसमें सांड या तो किसी व्यक्ति को चोट पहुंचाते है या दो सांड आपस में लड़ते हुए किसी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं ।  जिससे लोगों की जान पर बन आती है ।  ऐसा ही एक मामला गुरुवार दोपहर को सामने आया जब एक बच्चा अपने बड़े भाई के साथ  जिला शिक्षा कार्यालय के पास से जा रहा था तभी सामने खड़े एक सांड ने बच्चे पर हमला बोल दिया ।
बच्चे के बड़े भाई ने सांड को भगाने का प्रयास भी किया लेकिन सांड ने उसे भी टक्कर मारकर गिरा दिया ।और बच्चे पर सांड लगातार हमला करता रहा । जिसके बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और सांड के चंगुल से छुड़वाया ।  गनीमत रही कि इस घटना में बच्चे को ज्यादा चोट नहीं आई है । लेकिन पूरी घटना कितनी भयावह है इसका अंदाजा वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में देखकर लगाया जा सकता है । सीसीटीवी कैमरे में देखा जा सकता है कि किस कदर सांड ने बच्चे पर हमला कर दिया । ये दो बच्चे इस कॉलोनी के रहने वाले है और दोनों गली से निकल रहे थे । शायद छोटे बच्चे ने पीली टीशर्ट पहनी हुई थी इसे देखकर सांड है भड़क गया । क्योंकि तस्वीरों में देखा जा सकता है कि सांड शांत खड़ा है और अचानक बच्चे को देखकर उसपर हमला कर देता है ।
आपको बता दें कि लंबे समय से जिले के अंदर आवारा बेसहारा पशु घूमने की शिकायतें स्थानीय लोग शासन प्रशासन से करते रहे हैं। मौजूदा विधायक चिरंजीव राव ने भी 3 दिन पहले शहर का जायजा लेकर बेसहारा पशुओं को बाड़े में पहुंचाने की बात कहीं थी । बावजूद इसके अभी तक नगर परिषद के अधिकारी इस समस्या को दूर करने के लिये लापरवाह है ।  हालांकि कई बार बेसहारा पशुओं को बाड़े में पहुंचाने का टेंडर छोड़ा गया और बेसहारा पशुओं को बाड़े में पहुंचाने का काम शुरू भी किया गया । लेकिन शहर में इतनी बड़ी संख्या में बेसहारा आवारा पशु है कि वो आज भी सड़क और गाली मौहल्लों में मौजूद है जो आये दिन किसी ना किसी को अपना शिकार बनाते है।

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