पशुधन बीमा योजना: पशु की आस्मिक या दुर्घटना में हुई मौत पर 50 हजार से लेकर अधिकतम 88 हजार रूपए तक दी जाएगी सहायता

Rewari Politics: Deepika Yadav का Video क्यों हटाया गया? Manoj Yadav ने AI फोटो बताया राष्ट्रीय पशुधन मिशन व प्रदेश सरकार के सांझा कार्यक्रम के अनुसार पूर्व में चलाई गई इस योजना में पिछले 3 वर्षो में 3 लाख से ...

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Rewari Politics: Deepika Yadav का Video क्यों हटाया गया? Manoj Yadav ने AI फोटो बताया

राष्ट्रीय पशुधन मिशन व प्रदेश सरकार के सांझा कार्यक्रम के अनुसार पूर्व में चलाई गई इस योजना में पिछले 3 वर्षो में 3 लाख से अधिक पशुपालकों ने 6.40 लाख पशुओ का बीमा करवाया था जो एक रिकार्ड है। पशुओं की अचानक मौत होने पर मिलने वाली आर्थिक मदद के रूप में अब तक 42 करोड़ रूपए की राशि बीमा कलेम में दी जा चुकी है।
दो वर्गो में होगा बीमा
  नई बीमा पॉलिसी के अनुसार पशुओं का दो प्रकार से वर्गीकरण किया गया है, जिसमें बड़े छोटे पशु शामिल रहेगें। बड़े पशुओं में गाय, भैस ,झोटा, सांड, घोडा, ऊट, खच्चर, बैल इत्यादि शामिल है, जबकि छोटे पशुओं में भेड़, बकरी व खरगोश का बीमा करवा सकता है। एक यूनिट में एक बडा पशु और 10 छोटे जानवर शामिल होगें।
कैसे पाएं योजना का लाभ
पशुपालन एवं डेरिंग विभाग के उपनिदेशक डा. भूपसिंह यादव ने बताया कि हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड व न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी की ओर से पशुओं का वर्ष का बीमा होगा, जिसमें बीमा की राशि का 1.49 प्रतिशत की दर से प्रीमियम लिया जाएगा। अनुसूचित जाति के पशुपालकों के लिए फ्री बीमा रहेगा। बड़े पशुओं के लिए 100 रूपए से लेकर 300 रूपए तक प्रीमियम राशि देकर दुग्ध अनुसार श्रेणी अनुसार बीमा होगा, जबकि छोटे जानवरों के लिए मात्र 25 रूपए खर्च करने होंगे। यदि पशुपालक चाहे तो आगामी 3 वर्ष के लिए बीमा करवा सकता है।
दुर्घटना में मृत्यु होने पर मिलेगा बीमा क्लेम
 योजना के अनुसार पशु की आस्मिक या दुर्घटना में हुई मौत को कवर किया जाता है। बीमा होने के 21 दिन बाद यह योजना लागू होती है। हालांकि पशु चोरी होने पर कोई क्लेम नहीं होगा। एक पालक बडे पशुओं की दूध क्षमता एवं आयु के आधार पर 50 हजार से लेकर अधिकतम 88 हजार रूपए तक, जबकि छोटे पशुओं या जानवरों की मौत पर अधिकतम 10 हजार से 20 हजार रूपए क्लेम राशि का दावा कर पशु चिकित्सक की रिपोर्ट अनुसार कर सकेगा।
कैसे करें आवेदन
  बीमा करवाने के लिए पशुपालक को सरल पोर्टल या ई-सेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर अंत्योदय केंद्र अटल सेवा केन्द्र व ई-दिशा केंद्र) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए परिवार पहचान पत्र, मतदाता व राशन कार्ड की कॉपी, पशु चिकित्सक द्वारा जारी  पशुस्वास्थ्य प्रमाण पत्र, बैंक डिटेल  इत्यादि मुहैया करवानी होगी।
  पशुपालकों के हितों में दुबारा शुरू की गई योजना पिछले करीब एक वर्ष से यह योजना बंद थी, लेकिन प्रदेश सरकार के प्रयास से दोबारा शुरू किया गया है, जिसका पशुपालकों को बहुत फायदा मिलेगा। इससे पूर्व पशु डेयरी संचालकों व घरों में पशु पालने वाले लोगों को पशुओं का बीमा करवाने के लिए 4 से 5 हजार रूपए प्रति पशु तक खर्च करने पड रहे थे, लेकिन अब 100 से 300 रूपये के मात्र खर्च से जोखिम कवर हासिल किया जा सकेगा। बडी बात यह भी है कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार कल्याण योजना में शामिल गरीब परिवारों के लिए तो यह योजना और भी सहायक सिद्ध होगी। योजना में ऑनलाईन आवेदन प्रकिया शुरू हो चुकी है तथा पशुपालक अपने क्षेत्र के पशुचिकित्सक के सम्पर्क  में रहें।

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