MIFF 2026: दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) के छात्रों द्वारा निर्मित एक शॉर्ट फिल्म और दो डॉक्यूमेंट्री की 17 जून को मुंबई में स्क्रीनिंग होगी। इन तीनों कृतियों का चयन 19वें मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (एमआईएफएफ) की स्पेशल स्क्रीनिंग श्रेणी में किया गया है। इन फिल्मों का निर्माण विश्वविद्यालय के छात्रों ने किया है, जबकि डीएलसीसुपवा इनकी प्रॉड्यूसर है।
डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने बताया कि शॉर्ट फिल्म ‘जंगली रानी’ तथा डॉक्यूमेंट्री ‘तालमेल’ और ‘रोहतक मेरा शहर’ को MIFF 2026 में स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है। इनका निर्माण फिल्म एवं टेलीविजन फैकल्टी के 2022 और 2023 बैच के छात्रों ने अपने पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में किया है। अभिनय, संगीत, ड्रेस डिजाइनिंग से लेकर निर्देशन तक की जिम्मेदारी छात्रों ने स्वयं निभाई है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय स्तर के फिल्म महोत्सव तक पहुंचना पूरे सुपवा परिवार के लिए गर्व का विषय है। यह साबित करता है कि यहां विश्वस्तरीय संसाधन उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से छात्र उसी पेशेवर स्तर पर फिल्म और डॉक्यूमेंट्री निर्माण सीखते हैं, जिस स्तर पर बॉलीवुड और हॉलीवुड में फिल्में बनाई जाती हैं।
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तीन छात्रों की भावनात्मक यात्रा है ‘रोहतक मेरा शहर’
डॉक्यूमेंट्री ‘रोहतक मेरा शहर’ तीन छात्रों की दिल छू लेने वाली कहानी है, जो उच्च शिक्षा के लिए अपने घर-शहर से दूर निकलते हैं। नए शहर की अनजान गलियों में वे अपने सपनों और पहचान की तलाश करते हैं। संघर्ष, दोस्ती और आत्म-खोज के बीच उनके लिए “घर” एक स्थान नहीं, बल्कि एक भावना बन जाता है। इस डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन 2023 डायरेक्शन बैच के छात्र विनायक शर्मा ने किया है। इसके ऑडियोग्राफर गौतम बैनीवाल, एडिटर रजत और सिनेमेटोग्राफर वामसी हैं।
डफली की थाप पर संघर्ष की कहानी कहती है ‘तालमेल’
डॉक्यूमेंट्री ‘तालमेल’ उन किशोर लड़कों के जीवन पर आधारित है, जो अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए डफली बजाकर कमाई करते हैं। संगीत उनके लिए केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि भावनाओं को व्यक्त करने और जीवन की कठिनाइयों से लड़ने का माध्यम भी है।
इसका निर्देशन 2023 डायरेक्शन बैच की छात्रा अनुष्का गुप्ता ने किया है। संगीत शंकर और वीर ने दिया है। इसके सिनेमेटोग्राफर प्रतीक तिवारी, साउंड डिजाइनर करूण अरोड़ा और एडिटर दिनेश कुमार हैं।
समाज को आईना दिखाती है ‘जंगली रानी’
शॉर्ट फिल्म ‘जंगली रानी’ सिनेमा की चमक-दमक के पीछे छिपे शोषण और अमानवीयता को उजागर करती है। यह फिल्म दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है कि जब कला के नाम पर संवेदनाओं को कुचल दिया जाता है, तो इंसानियत हार जाती है।
फिल्म का निर्देशन 2022 डायरेक्शन बैच की छात्रा नाव्या हयरन ने किया है। इसके सिनेमेटोग्राफर कार्तिक पंडित, साउंड डिजाइनर रवि, प्रोडक्शन डिजाइनर ऋषभ अरोड़ा, एडिटर करण भारद्वाज, आर्ट डायरेक्टर सिमरन सांगवान और कॉस्ट्यूम डिजाइनर रिया हैं। फिल्म में हंशा और मोहम्मद नूरुद्दीन हसन ने अभिनय किया है।






