H3N2 वायरल से बचाव के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी की गई एडवाइजरी

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H3N2: डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि H3N2 एक प्रकार की वायरल बीमारी है, इससे घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि हमें बदलते मौसम के चलते अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से बचाव को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है, जिसकी हर नागरिक को कड़ाई से पालना करनी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या इससे अधिक खांसी की शिकायत है और ऑक्सीजन लेवल 93 से कम है तो नागरिक अस्पताल में चिकित्सक से परामर्श लेकर अपना उपचार कराएं। उन्होंने कहा कि जिला स्वास्थ्य विभाग H3N2 बीमारी की रोकथाम व फैलाव को रोकने के लिए पूरी तरह से सजग व सतर्क है।

H3N2 की सैंपलिंग के लिए वीटीएम वायरल पर्याप्त संख्या में मौजूद : डीसी

डीसी ने बताया कि H3N2 केस के सेंपलिंग हेतु स्वास्थ्य विभाग के पास वीटीएम वायरल पर्याप्त संख्या में मौजूद हैं। H3N2 केस के सैंपल सरकार द्वारा निर्धारित लैब में भेजने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा खांसी, जुकाम, (एआरआई) की निगरानी की जा रही है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उन्हें विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। लोगों को साबुन से हाथ धोते रहना, मास्क पहनना और शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करना चाहिए।

H3N2 से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतें : डा. यादव

सिविल सर्जन डा. सुरेंद्र यादव ने बीमारी से बचाव के लिए फेस मास्क लगाएं, भीड़ में जाने से बचें, नाक व आंख को छूने से बचें।  खाना खाने से पहले और नाक व मुंह को छूने से पहले अच्छी तरह हाथ धोएं। सिर दर्द व बुखार होने पर पेरासिटामोल लें। फल, हरी सब्जियां, गुनगुना पानी व अन्य लिक्विड का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। घर का खाना ही खाएं।

हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। कम से कम आठ घंटे से ज्यादा नींद लें। उन्होंने बताया कि इन्फ्लूएंजा वायरस से बचाव को लेकर नागरिक एक दूसरे से हाथ मिलाने से परहेज करें। सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें और एच3एन2 या इससे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में ना आएं। इसके अलावा कोई भी एंटीबायोटिक या अन्य दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।