केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले दो साल के अंदर ईवी की मोटरगाड़ी और दोपहिया वाहनों की कीमतें पेट्रोल वाहनों के बराबर होंगी क्योंकि इसकी लागत कम हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में जानकारी देते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल की मांग बहुत बढ़ रही है। कुल मिलाकर ईवी पैमाने में 335 प्रतिशत, इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन में 607 प्रतिशत, इलेक्ट्रिक तिपहिया में 150 प्रतिशत, इलेक्ट्रिक चौपहिया में 300 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक बसों में 30 प्रतिशत मांग बढ़ी है।
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2 साल में पेट्रोल वाहनों के बराबर होंगी इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें
2018 में लिथियम ऑयन बैटरी की कीमत 180 डॉलर प्रति किलोवाट ऑवर थी, 2021 में 140 डॉलर प्रति किलोवाट ऑवर हुई और 2022 में 135 डॉलर प्रति किलोवाट ऑवर हुई। दो साल के अंदर ईवी की मोटरगाड़ी और दोपहिया वाहनों की कीमतें पेट्रोल वाहनों के बराबर होंगी क्योंकि इसकी लागत कम हो जाएगी।
बड़े पैमाने पर बढ़ रही इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक कारों की औसत प्रतीक्षा अवधि 8-10 महीने हो गई है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि बड़े पैमाने पर इनकी बिक्री बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आयात निर्भरता और प्रदूषण को कम करने के लिए वर्ष 2030 तक एक करोड़ (10 मिलियन) ईवी आने की उम्मीद है।
बैटरी की अदला-बदली (स्वैपिंग) नीति पर सरकार कर रही काम
सरकार बैटरी की अदला-बदली (स्वैपिंग) नीति पर काम कर रही है। इससे आगामी दिनों में हरित हाइड्रोजन और फ्लैक्स इंजन के साथ इथेनॉल इलेक्ट्रिक से आयात पर अंकुश लगाने और प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी और नए रोजगार भी मिलेंगे।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हम देश भर में चार्जिंग स्टेशनों को बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। एनएचएआई में सड़क पर 650 चार्जिंग स्टेशन बना रहे हैं। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों और पार्किंग स्थानों पर भी इसकी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
कार में सभी यात्रियों के लिए एयरबैग की कोशिश कर रही है सरकार
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में यह भी कहा कि अभी कारों में दो एयरबैग ही अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों का जीवन बचाने के मद्देनजर कार में प्रत्येक सीट पर एयरबैग की कोशिश कर रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एयरबैग की कीमत केवल 800 रुपए आती है। अभी तक कारों में दो एयरबैग अनिवार्य हैं। पीछे के यात्रियों के लिए कोई एयरबैग नहीं हैं। हमारा विभाग पीछे के यात्रियों के लिए भी एयरबैग रखने की कोशिश कर रहा है ताकि उनका जीवन बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव विचाराधीन है और सरकार जल्द ही इस पर कार्रवाई करने का प्रयास करेगी।






