Bada Talab Tej Sarovar: रेवाड़ी का ऐतिहासिक बड़ा तालाब तेज सरोवर, जीर्णोद्धार के लिए 16 करोड़ रूपए का बजट निर्धारित

Bada Talab Tej Sarovar: रेवाड़ी के इस तेज सरोवर यानि बड़े तालाब के इतिहास की बात करें तो इस तालाब का निर्माण रेवाड़ी के शासक राव रामसिंह ने पानी की किल्लत को देखते हुये शुरू कराया था। लेकिन वह रेवाड़ी ...

Bada Talab Tej Sarovar: रेवाड़ी के इस तेज सरोवर यानि बड़े तालाब के इतिहास की बात करें तो इस तालाब का निर्माण रेवाड़ी के शासक राव रामसिंह ने पानी की किल्लत को देखते हुये शुरू कराया था। लेकिन वह रेवाड़ी पर माधव राव सिंधिया द्वारा आक्रमण के दौरान शहीद हो गए थे।

इसलिए तेज सरोवर का कार्य रुक गया था। जिसके राव तेजसिंह के राज में दोबारा सन 1772 में तेज सरोवर का निर्माण शुरू कराया गया और सन 1775 में इस तेज सरोवर का निर्माण कार्य पूरा हुआ था। यह तेज सरोवर कला और कारीगरी का नमूना है। तीन मंजिल इस बड़ा तालाब तेज सरोवर में स्त्री और पुरुष स्नान घाट बनाए गए थे। एक तरफ विशाल गऊ घाट बनाया गया था।

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वहीं तेज सरोवर के तीन तरफ प्राचीन शिव मंदिर, हनुमान जी का मंदिर और दुर्गा मंदिर बनाया हुआ है। जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मत्था टेकने आते है। बताया जाता है कि जिस वक्त तालाब का निर्माण शुरू हुआ था। उससे पहले शिवालय बनाकर यहाँ निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। कहाँ ये भी जाता है कि नारनौल में इसी तरह का तालाब बनाया हुआ है। जो सुरंग के रास्ते रेवाड़ी के तालाब से जुड़ा हुआ है।

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इस तेज सरोवर बड़ा तालाब की मौजूदा हालात की बात करें तो ये ऐतिहासिक धरोहर खंडहर भवन में तब्दील हो चुकी है। यहाँ गंदगी का अंबार लगा रहता है। समय-समय पर तालाब के जीर्णोद्धार के लिए बाते की जाती रही है। लेकिन हालात आजतक नहीं सुधरें है। ये कहें कि अबतक ये तालाब खस्ता सिस्टम का शिकार हो रहा है। हालाँकि अब एक बार फिर 16 करोड़ की लागत से इस बड़ा तालाब के जीर्णोद्धार की बाते की जा रही है।

बता दें कि रेवाड़ी गिरते भू-जल की समस्या झेल रहा है। अगर इस तालाब में पानी लाया जाएँ तो गिरते भू-जल स्तर को काफी हद तक सुधारा जा सकता है। वहीं तालाब का सौंदरीयकरण करके इस स्थान को पर्यटक स्थल के रूप में भी विकसित किया है। क्योंकि इस तालाब के तीन तरफ मंदिर और एक तरफ पार्क में काफी संख्या में लोग आते है।

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