CCTNS: नवीनतम क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग एंड नेटवर्क सिस्टम प्रगति रैंकिंग में हरियाणा फिर पूरे देश में अव्वल

CCTNS: हरियाणा पुलिस ने सभी राज्यों को पछाड़ते हुए ऑल इंडिया स्तर पर जारी नवीनतम क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग एंड नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) प्रणाली रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल किया है। इस वर्ष फरवरी माह में 99.99 अंक के साथ ...

CCTNS: हरियाणा पुलिस ने सभी राज्यों को पछाड़ते हुए ऑल इंडिया स्तर पर जारी नवीनतम क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग एंड नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) प्रणाली रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल किया है। इस वर्ष फरवरी माह में 99.99 अंक के साथ प्रदेश पुलिस ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। पुलिस विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा पुलिस ने सभी राज्यों को पछाड़ते हुए आल इंडिया स्तर पर जारी CCTNS प्रगति रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया है। यह रैंकिंग फरवरी 2023 के लिए जारी की गई है।

हरियाणा पुलिस ने अखिल भारतीय CCTNS रैंकिंग में अब तक हावी रहे कई राज्यों से आगे बढक़र प्रदर्शन कर यह मुकाम हासिल किया है।एक बार फिर शत-प्रतिशत अंक मिलने पर DGP हरियाणा प्रशांत कुमार अग्रवाल ने समस्त पुलिस विभाग की पीठ थपथपाई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सीसीटीएनएस के क्षेत्र में हरियाणा पुलिस के शानदार प्रदर्शन से इस तकनीक का दैनिक कार्यों में और अधिक कुशलता से प्रयोग करने के लिए पुलिस का मनोबल बढ़ेगा।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक क्राइम, ओ पी सिंह ने बताया कि सीसीटीएनएस परियोजना कार्यान्वयन एससीआरबी में सभी फील्ड स्तर के पुलिस अधिकारियों और राज्य स्तरीय CCTNS टीम के समर्पित और संयुक्त प्रयासों से संभव हुआ है। यह प्रणाली डिजिटल तरीके से अपराधियों की ट्रैकिंग और पुलिस जांच को अपनाने से संबंधित है। हरियाणा पुलिस ने सभी मानकों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है।

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जानिए क्या है CCTNS

CCTNS

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सीसीटीएनएस यानि की अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम, केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित मिशन मोड प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य सभी स्तरों पर और विशेष रूप से पुलिस स्टेशन स्तर पर पुलिसिंग की दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए एक व्यापक और एकीकृत ई-सिस्टम बनाना है। प्रदेश के सभी थानों में सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर का क्रियान्वयन हो गया है। इसके अतिरिक्त, सभी जिलों के थानों में कनेक्टिविटी भी उपलब्ध करवा दी गई है।

इससे पहले भी मिले हरियाणा पुलिस को अवार्ड

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस विभाग का मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना है। पुलिस विभाग को निरंतर अपने कौशल में सुधार जारी रखना चाहिए ताकि राज्य के लोगों को बेहतर से बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें। इससे पहले भी हरियाणा पुलिस को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (CCTNS) परियोजना के क्रियान्वयन में देश के सभी प्रमुख राज्यों में प्रथम रैंक से सम्मानित किया जा चुका है। यह पुरस्कार गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की ओर से नई दिल्ली में आयोजित वार्षिक CCTNS, इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) में गुड प्रैक्टिस पर सम्मेलन में मिला।

केंद्रीय गृह सचिव व अन्य उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में हरियाणा पुलिस को यह पुरस्कार प्रदान किया गया था। पुलिस की ओर से यह अवॉर्ड पुलिस महानिरीक्षक करनाल रेंज सतेंद्र कुमार गुप्ता और पुलिस अधीक्षक पानीपत शशांक कुमार सावन ने प्राप्त किया था। प्रगति डैशबोर्ड पर साल भर 20 से अधिक मापदंडों पर लगातार पहला स्थान बनाए रखने के लिए यह पुरस्कार दिया गया था।

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हरियाणा की विशेष तकनीक की देशभर में हो चुकी है तारीफ

हरियाणा SCRB के निदेशक और CCTNS- ICJS के नोडल अधिकारी ओपी सिंह की देखरेख में हरियाणा पुलिस ने अपराध से संबंधित डाटा का विश्लेषण करने के लिए विशेष तकनीक विकसित की है जिस पर पुलिस अधीक्षक पानीपत शशांक कुमार ने विशेष प्रस्तुति दी। उक्त तकनीक को देश भर के अधिकारियों द्वारा खूब सराहा गया। एनसीआरबी के निदेशक विवेक गोगिया ने तकनीक का अध्ययन करने और इसे पूरे देश में लागू करने की बात कही थी।

डाटा डिजिटाइजेशन का काम हुआ 100 प्रतिशत पूरा, ICJS एकीकरण में भी सबसे आगे

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि CCTNS प्रोजेक्ट के सफल कार्यान्वयन के लिए प्रदेश पुलिस सभी मापदंडों में आगे रही। इसके अलावा, प्रदेश ने विभिन्न स्तंभों के बीच डेटा सेट साझा करने के लिए ICJS स्तंभों  का एकीकरण का कार्य भी पूरा कर लिया है। इसके अलावा, उच्च अधिकारियों द्वारा सभी जिलों को नियमों और SOP अनुसार गिरफ्तार व्यक्तियों के वर्तमान फिंगर प्रिंट डेटा की नियमित रूप से प्रविष्टियां सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

जैसा कि विदित है, हाल ही में स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने चांस प्रिंट के मिलान के आधार पर  इस वर्ष 10 लावारिस डेड बॉडीज की पहचान करने में सफलता हासिल की है।  इसके अतिरिक्त भी फिंगर प्रिंट की सहायता से कई हाई प्रोफाइल केस सॉल्व किये गए है।

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