Haryana: हरियाणा के हिसार के जिला शिक्षा अधिकारी प्रदीप सिंह नरवाल को सेवानिवृत्ति से 4 दिन पहले निलंबित कर दिया गया है। उनके निलंबन का कारण तो नहीं बताया गया, लेकिन माना जा रहा है कि सातरोड के एक निजी स्कूल संचालक से मान्यता देने के नाम पर 3 लाख रुपये मांगने के मामले में यह कार्रवाई की गई है।
सीएम नायब सैनी के आदेश के बाद शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल ने निलंबन का आदेश जारी किया। हालांकि 20 मार्च को शिक्षा निदेशालय ने सेवानिवृत्ति के लिए क्लीनचिट दी थी।
मान्यता देने के नाम पर 3 लाख की मांग
स्कूल संचालक ने आरोप लगाया है कि हिसार के डीईओ ने उनको पत्र के माध्यम से 25 जून 2024 को स्कूल में मान्यता से संबंधित दौरा करने की सूचना दी थी, लेकिन टीम 24 जून को ही आ गई।
इस दौरान कई खामियां गिनाकर मान्यता देने से इन्कार कर दिया और 25 जून को दौरा किए जाने की जानकारी अंकित कर रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी। संचालक के अनुसार, उन्होंने इस बारे में डीईओ कार्यालय जाकर ऑब्जेक्शन का कारण पूछा, तो डीईओ नरवाल ने बताने से इन्कार कर दिया।
12 अक्तूबर को नरवाल अपनी टीम के साथ फिर स्कूल आए और मानकों की जांच की। इसके बाद फिर खामियां गिना मान्यता देने से इन्कार कर दिया। उसी दिन शाम को डीईओ कार्यालय से उनको फोन आया, जिसमें मान्यता देने के नाम पर तीन लाख की मांग की गई।
रिपोर्ट में 29 के बजाय दिखाए 16 कमरे
निजी स्कूल संचालक ने आरोप लगाया है कि स्कूल को 10वीं से 12वीं तक अपग्रेड कराने के लिए आवेदन किया था। 2 एकड़ में बने उसके स्कूल में 29 कमरे हैं, जबकि टीम ने केवल 16 कमरे दिखाए। उन्होंने स्कूल का नक्शा भी दिखाया, लेकिन उन्होंने नहीं माना।
स्कूल संचालक ने बताया कि उन्होंने 3 दिन पहले सीएम नायब सिंह सैनी को इसकी शिकायत भेज दी थी। निजी स्कूल संचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े हुए हैं।






