AI Cyber Fraud Alert: रेवाड़ी पुलिस द्वारा आमजन को ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान बढ़ रहे साइबर फ्रॉड और फर्जी वेबसाइट्स के खतरे को लेकर एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की गई है। पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने जिला वासियों से अपील की है कि वे किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या AI आधारित टूल द्वारा दिखाई गई वेबसाइट पर बिना जांच-पड़ताल किए भरोसा न करें।
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने आए कुछ मामलों में यह पाया गया है कि साइबर अपराधियों द्वारा तैयार की गई फर्जी शॉपिंग वेबसाइट्स इंटरनेट पर इस प्रकार प्रसारित की जा रही हैं कि वे कई बार AI आधारित सर्च टूल्स के परिणामों में भी दिखाई दे सकती हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति किसी उत्पाद के बारे में जानकारी प्राप्त करते समय बिना सत्यापन के किसी लिंक पर क्लिक करता है, तो उसके फर्जी वेबसाइट तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि साइबर ठग नामी ब्रांड्स और कंपनियों की हूबहू दिखने वाली नकली वेबसाइट्स तैयार कर आकर्षक ऑफर्स और भारी छूट का लालच देते हैं। इन वेबसाइट्स का उद्देश्य लोगों से भुगतान करवाना तथा उनकी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी हासिल करना होता है।
एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि साइबर अपराधी कई बार इंटरनेट पर बड़ी मात्रा में नकली कंटेंट और क्लोन वेबसाइट्स अपलोड कर देते हैं, जिससे एआई सिस्टम भी भ्रामक स्रोतों को वैध समझ सकता है। इस प्रकार की गतिविधि को “एआई पॉइजनिंग” कहा जाता है, जो वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रही है।
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की कि ऑनलाइन खरीदारी करते समय वेबसाइट का URL ध्यानपूर्वक जांचें। केवल आधिकारिक डोमेन जैसे .com, .in अथवा .co.in आदि पर ही भरोसा करें। यदि वेबसाइट के पते में संदिग्ध शब्द, अतिरिक्त अक्षर या असामान्य स्पेलिंग दिखाई दे तो सतर्क रहें। इसके अलावा 70 से 90 प्रतिशत तक की भारी छूट वाले ऑफर्स की सत्यता अवश्य जांचें।
रेवाड़ी पुलिस की एडवाइजरी में कहा गया है कि किसी भी ब्रांड का सामान खरीदने के लिए उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर स्वयं जाकर ही खरीदारी करें। किसी एआई टूल, विज्ञापन या अज्ञात लिंक के माध्यम से सीधे भुगतान करने से बचें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें — किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें।”






