FPO के माध्यम से कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने की तैयारी में सरकार

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि हम किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से कृषि में क्रांति ला सकते हैं और किसान के जीवन में परिवर्तन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ...

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि हम किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से कृषि में क्रांति ला सकते हैं और किसान के जीवन में परिवर्तन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में एफपीओ की बहुत ही बडी भूमिका रहने वाली हैं। उन्होंने कहा कि किसान को स्वयं अपनी फसल की माकिर्टिग, सोरटिंग, ग्रेडिंग इत्यादि कर अपनी यूनिट को खड़ा करना होगा और आज का किसान अपनी आय को बढ़ाने के लिए एफपीओ की ओर देख भी रहा है।

 

वे आज पंचकूला में आयोजित भारत सरकार की 10 हजार एफपीओ के सृजन व प्रचार योजना के तहत कलस्टर आधारित व्यावसायिक संगठन (सीबीबीओ) और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में उपस्थित सीबीबीओ व एफपीओ के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर हरियाणा के कृषि एवं किसान मंत्री जे.पी. दलाल भी उपस्थित रहे।

 

किसान को आत्मनिर्भर और आय को दोगुना करने के लिए एफपीओ जरुरी

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चौधरी ने कहा कि किसानों को नई तकनीकों व बाजार से जोड़कर उनकी आय को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल-प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर व लदाख से एफपीओ प्रतिनिधि व सीबीबीओ प्रतिनिधियों के अलावा कुछ वर्ज्युअल तरीके से भी किसान भाई व प्रतिनिधि जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि किसान को आत्मनिर्भर बनाने व उनकी आय को दोगुना करने की दिशा मे प्रधानमंत्री ने ‘‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास’’ पर बल दिया हैं और इस कार्य को अमलीजामा पहनाने के लिए एफपीओ की महत्वपूर्ण भूमिका हैं और इस कार्य में सीबीबीओ अपनी सहायक भूमिका अदा कर सकते हैं।

 

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इक्विटी ग्रांट का लाभ लेने के लिए एफपीओ में जुड़ना जरुरी

चौधरी ने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन आयोजित करके सीबीबीओ व एफपीओ की तरफ से आने वाले सुझाव के तहत दिशानिर्देशों में बदलाव करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समलत राज्यों में एक सीबीबीओ को 300 किसान सदस्यों के साथ एफपीओ का गठन करवाना हैं और पहाड़ी राज्यों में एक सीबीबीओ को 100 किसान सदस्यों के साथ एफपीओ का गठन करवाना है तभी इक्विटी ग्रांट की राशि इन एफपीओ मिल पाएगी। उन्होंने कहा कि इन सभी एफपीओ को व्यवस्थित करने के लिए चुनाव भी आवश्यक हैं और जनरल बॉडी मिटिंग के बाद ही इक्विटी ग्रांट की राशि एफपीओ को मिल पाएगीं, इसलिए सीबीबीओ को लक्ष्य आधारित काम करते हुए एफपीओ बनाने होंगें।

 

किसानों के विकास के लिए एफपीओ में जुड़ना जरुरी

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने सीबीबीओ प्रतिनिधियों से आहवान करते हुए कहा कि छोटे-छोटे किसानों से अपनी फसल की ग्रेंडिग, सोरटिंग इत्यादि के कार्य करवाए और यूनिट लगाने के लिए सीबीबीओ प्रोजैक्ट रिपोर्ट भी बनाकर दें और विशेषज्ञों का उपयोग भी करें। उन्होंने कहा कि सीबीबीओ को किसानों के उत्थान के लिए एफपीओ में किसानों को अधिक से अधिक जोड़ना होगा तभी ज्यादा से ज्यादा से लाभ मिलेगा और इस दिशा में अमूल की परिकल्पना हमारे सामने हैं कि किस प्रकार से दूध के उत्पादन में क्रांति लाते हुए अमूल ने अपना लाभ खडा किया हैं और प्रत्येक दूध उत्पादक को इसका लाभ भी मिला है। इसी प्रकार, हम फल व सब्जी में बडे से बडा एफपीओ खड़ा कर सकते है। उन्होंने सीबीबीओ प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने कार्य क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लें ओर किसानों को एफपीओ से जुड़ने के लिए आहवान करवाएं क्योंकि आम जनमानस में जनप्रतिनिधियों का विश्वास होता है।

 

कृषि अवसरंचना फण्ड का लाभ भी एफपीओ ले-चौधरी

उन्होंने कहा कि कृषि अवसरंचना फण्ड का लाभ भी एफपीओ ले सकते हैं और किसानों को दिलवा सकते है। इसमें दो करोड़ रूपए का प्रावधान सोरिटंग, ग्रेडिंग, पोलीहाउस, ड्रोन व मशीनरी इत्यादि खरीदने के लिए किया गया है। इस फण्ड को 7 साल के लिए व ब्याज में 3 प्रतिशत छूट के साथ लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने ड्रोन तकनीक में भी छूट दी हैं जिसमें 75 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में कृषि का बजट मात्र 23 हजार करोड़ रूपए था जो अब बढकर 1.32 लाख करोड़ रूपए हो गया है। उन्होंने कहा कि ई-नाम से 1000 मंडियों को जोडा गया है और एफपीओ को भी ई-नाम से जोडने की व्यवस्था की गई है।

 

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 10 हजार एफपीओ स्थापित करने का लक्ष्य

इससे पहले, हरियाणा के कृषि एवं किसान मंत्री जे.पी. दलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लक्ष्य रखा है कि देश के किसान के आर्थिक हालात सुधरे और किसानों को उनका अधिकार मिलें तथा उनके जीवन में परिवर्तन आएं। उसी दिशा मे भारत सरकार ने 10 हजार एफपीओ स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया हैं।

 

हरियाणा में भी 600 से 700 एफपीओ बनाए जा चुके- जे.पी. दलाल

हरियाणा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी 600 से 700 एफपीओ बनाए जा चुके हैं और चार से पांच जगह पर वे स्वयं एफपीओ को देखकर आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि एफपीओ के माध्यम से किसान जुडेंगें तो किसान की दशा व दिशा बदल जाएगी। सामूहिक खेती करने से छोटे किसानों को खेती के लिए खाद व बीज इत्यादि की दिक्कत का सामना नहीं करना पडता है और सामूहिक तौर पर लेने से लगभग 30 प्रतिशत तक बचत भी होती है। इसके अलावा, ऐसे किसानों को अपनी फसल के वैल्यू-एडीशन से भी लाभ मिलता है।

 

 एफपीओ को स्थापित करने से किसानों को मिलें समान लाभ

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उन्होंने कहा कि हमें एफपीओ को स्थापित करते समय ऐसी व्यवस्था करनी होगी कि सभी किसानों को समान लाभ मिलें और विशेष कर छोटे व सीमांत किसानों को अवश्य हो। इसके अलावा, छोटे व सीमांत किसानों की आय का ऑडिट करके भी यह देखा जा सकता है और यदि यह सफल हो जाता है तो भारत को कृषि के मामले में आगे बढने से कोई नहीं रोक सकता है।

 

हरियाणा में किसानों के लिए नई योजनाओं व नीतियों को लागू होंगी

दलाल ने केन्द्रीय मंत्री को आश्वासन देते हुए कहा कि हरियाणा केन्द्र द्वारा लागू की जाने वाले योजनाओं को सबसे पहले क्रियान्वित करता हैं और भविष्य में भी किसानों के उत्थान के लिए आने वाली योजनाओं व नीतियों को लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा मत्स्य के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहा है और यहां के मछली पालन किसान लाखों रूपए की आय कर रहे हैं इसलिए उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि मत्स्य के क्षेत्र को भी एफपीओ स्थापित करने में लाभ मिलना चाहिए। इससे पहले, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की संयुक्त सचिव विजया लक्ष्मी ने केन्द्र सरकार द्वारा संचालित की जा रही इस योजना की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।

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