Hydrogen Train: हरियाणा के लोग ट्रेन से तो सफर करते थे लेकि अब हाईड्रोजन ट्रेन में भी सफर कर सकेंगे। क्योंकि देश की पहली हाईड्रोजन ट्रेन (Hydrogen Train) हरियाणा में संचालित होगी। हरियाणा के जींद में हाईड्रोजन गैस प्लांट का निर्माण कार्य इसी साल जुलाई महीने तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके तुरंत बाद हाईड्रोजन से चलने वाली देश की पहली ट्रेन जींद और सोनीपत रेलवे लाइन पर उतार दिया जाएगा।
जुलाई में शुरू होगी हाईड्रोजन ट्रेन
रविवार को जींद रेलवे स्टेशन और हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक वर्मा ने प्लांट का निरीक्षण करने के बाद बताया कि हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का निर्माण कार्य चेन्नई में चल रहा है। वह जल्द पूरा होने की कगार पर है। इसे बनाने वाली कंपनी इसमें सुरक्षा व्यवस्था का पूरा इंतजाम कर रही है।
उन्होंने कहा कि अगले 2 महीने में प्लांट का निर्माण काम पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान चेन्नई से हाईड्रोजन से चलने वाली ट्रेन के आने का इंतजाम भी हो जाएगा। प्लांट का निर्माण काम पूरा होने पर ट्रेन का ट्रायल होगा। उसके बाद हाईड्रोजन ट्रेन की हरी झंडी दिखा दी जाएगी।
हाईड्रोजन ट्रेन की विशेषताएं
हाईड्रोजन ट्रेन (Hydrogen Train) दूसरी ट्रेनों से काफी अलग होती है। यह वातावरण के अनुकूल है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में इसे तैयार किया जा रहा है। यह ट्रेन 110 km प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है।
इस ट्रेन में 2500 से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। हरित प्रौद्योगिकी पर आधारित यह पहल कार्बन उत्सर्जन को कम करने और शून्य कार्बन लक्ष्य की ओर बढ़ने में अहम भूमिका निभाएगी।
हाइड्रोजन ट्रेन दूसरी ट्रेनों से कई मायनों में अलग होती है। स्पीड और लुक की बात करें तो यह हर मामले में बिल्कुल अलग दिखाई देगी। हाइड्रोजन ट्रेन में एक Hydrogen ईंधन सेल होता है, जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के रिएक्शन से बिजली पैदा करेगा। इस घटना में सिर्फ पानी और ऊर्जा उत्पन्न होती है, जो पर्यावरण के लिए बहुत साफ और प्रदूषण मुक्त बनाती है।
पूरी दुनिया में सिर्फ 4 देशों में हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेने हैं। ये ट्रेनें 500 से 600 हॉर्स पावर के बीच ऊर्जा क्षमता का उत्पादन करती है, जबकि भारत में निर्मित हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन की क्षमता 1,200 हॉर्स पावर की है, जो इस श्रेणी में अब तक सबसे अधिक है।








