Haryana News: हरियाणा में गैंगस्टरों की पोस्ट लाइक- शेयर करने वालों पर पुलिस रखेगी निगरानी, ये होगी कार्रवाई

समाज में शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने, नफरत फैलाने वाले भाषणों तथा सोशल मीडिया हैंडल्स आदि के खिलाफ हरियाणा पुलिस द्वारा पिछले 10 वर्षों में कुल 297 एफआईआर दर्ज की गई है। इस अवधि के दौरान 472 आरोपियों को गिरफतार ...

समाज में शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने, नफरत फैलाने वाले भाषणों तथा सोशल मीडिया हैंडल्स आदि के खिलाफ हरियाणा पुलिस द्वारा पिछले 10 वर्षों में कुल 297 एफआईआर दर्ज की गई है। इस अवधि के दौरान 472 आरोपियों को गिरफतार किया गया है तथा 502 सोशल मीडिया हैंडल्स के यूआरएल को इंटरनेट से हटाया गया है।

इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया कि वर्तमान के बदलते परिवेश में हर व्यक्ति तकनीक का इस्तेमाल सक्रियता से कर रहा है। तकनीक के सदुपयोग के साथ साथ इसके दुरूपयोग की भी संभावनाएं अपेक्षाकृत अधिक रहती हैं। हरियाणा पुलिस द्वारा समाज में नफरत फैलाने वाले भाषणों के खिलाफ कार्यवाही करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय रूप से कार्य किया जा रहा है।

सतत निगरानी और त्वरित कार्यवाही के माध्यम से, कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने सोशल मीडिया प्लैटफार्मों पर नफरत वाले भाषणों से संबंधित मामलों में कार्यवाही की है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों के दौरान इस संबंध में दर्ज कुल 297 मामलों में से 87.87 प्रतिशत मामलों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए सुलझाया गया है।

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इसके साथ ही, हरियाणा पुलिस द्वारा सोशल मीडिया प्लैटफार्म जैसे- एक्स, इंस्टाग्राम, फेसबुक तथा यूट्यूब आदि पर गैंगस्टरों की पोस्ट को लाइक व शेयर करने वाले लोगों की गतिविधियों पर क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा विशेष तौर पर नजर रखी जाती है। गैंगस्टरों द्वारा सोशल मीडिया पर डाली जाने वाली पोस्ट लोगों विशेषकर युवाओं को गुमराह करती है जिससे वे अपराध की ओर आकर्षित होते हैं।

हरियाणा पुलिस द्वारा ऐसे युवाओं की पहचान की जाती है और उनके परिजनों को बुलाकर बच्चों की काउंसलिंग की जाती है। श्री कपूर ने आमजन से भी अपील करते हुए कहा कि वे गैंगस्टरों द्वारा अपलोड की जाने वाली पोस्ट को लाइक व शेयर न करें और किसी भी गैंगस्टर के गु्रप का हिस्सा ना बनें।

श्री कपूर ने बताया कि हरियाणा राज्य में अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) को सोशल मीडिया से आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए नोडल एजेंसी के रूप में अधिकृत किया गया है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विभिन्न सोशल मीडिया प्लैटफॉर्मों पर गैर-जिम्मेदाराना संदेशो, वीडियों और अन्य सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं, जो किसी भी प्रकार की भीड़ हिंसा को उकसाने की प्रवृति रखते हैं।

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साथ ही ऐसे संदेश और वीडियो प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और समाज में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नही किया जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

निगरानी की प्रक्रिया –
श्री कपूर ने बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर नफरत भरे भाषण प्रसारित करने वालो पर नजर रखने के लिए सीआईडी में अलग से सोशल मीडिया विंग स्थापित की गई हैं जिनमें तैनात कर्मियों द्वारा 24 घंटे निगरानी रखी जाती है। हरियाणा पुलिस द्वारा 220 हिंसा फैलाने वाले लोगों (इंस्टिगेटर व इंफल्यूएंसर) तथा 400 उपद्रवियों(ट्रबलमेकर) की पहचान की गई हैं।

जैसे ही इन लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई पोस्ट अपडेट होती है तो उसकी पड़ताल की जाती है और आपत्तिजनक व भड़काउ कंटेंट पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।

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