Haryana News: केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया वर्ष 2025-26 का वार्षिक बजट हरियाणा के लिए कई मायनों में राहत और अवसर लेकर आया है। बजट के प्रावधानों से जहां कैंसर और मधुमेह (शुगर) से जूझ रहे मरीजों को सस्ती दवाइयों का लाभ मिलेगा, वहीं एविएशन, फार्मा और औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश व रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
कैंसर और शुगर मरीजों को राहत

केंद्रीय बजट में दवाइयों को सस्ता किए जाने के फैसले से हरियाणा के हजारों मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा। राज्य में बीते दो वर्षों में कैंसर के करीब 60 हजार मामले सामने आए हैं। इसके अलावा हरियाणा में मधुमेह की व्यापकता 12.4 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 11.4 प्रतिशत से अधिक है। शहरी क्षेत्रों में यह दर 17.9 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि ग्रामीण इलाकों में 9.5 प्रतिशत है। ऐसे में सस्ती दवाइयों से मरीजों के इलाज का खर्च कम होगा।
सात जिलों को सीधा लाभ
केंद्रीय बजट से हरियाणा के सात जिलों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। खासतौर पर एविएशन सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सी-प्लेन सेवाओं के लिए हवाई पट्टियों के विकास की योजना पर सरकार आगे बढ़ सकती है। अंबाला, हिसार और करनाल की हवाई पट्टियों को सी-प्लेन संचालन के अनुकूल बनाया जा सकता है।
एविएशन इंडस्ट्री को मिलेगा बढ़ावा
बजट में हवाई जहाज के पार्ट्स पर लगने वाला टैक्स हटाए जाने से हरियाणा में एविएशन मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। गुरुग्राम और फरीदाबाद में विमानों के पुर्जे बनाने वाले छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए नए केंद्र विकसित किए जा सकते हैं। इससे उत्पादन लागत घटेगी और विदेशी कंपनियों के निवेश के रास्ते खुलेंगे। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के अवसर बढ़ेंगे।
हिसार में निर्माणाधीन हवाई अड्डे पर भविष्य में विमानों की मरम्मत (मेंटेनेंस) की सुविधा भी शुरू किए जाने की योजना है, जिससे राज्य एविएशन सेक्टर में मजबूत स्थिति बना सकेगा।
पंचकूला बनेगा बायोफार्मा हब
केंद्रीय बजट में बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया गया है। इसका सीधा लाभ हरियाणा के फार्मा सेक्टर, विशेषकर पंचकूला को मिलेगा। यहां पहले से एसोसिएटेड बायोफार्मा और बायोफार लाइफ साइंसेज जैसी कंपनियां टैबलेट, कैप्सूल, सिरप और हर्बल दवाइयों का उत्पादन कर रही हैं, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुरूप हैं।
इस निवेश से अनुसंधान और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और हरियाणा का बायोफार्मा व फार्मास्युटिकल सेक्टर तेजी से आगे बढ़ेगा।






