IAS Ankita Chaudhary: हरियाणा के छोटे से कस्बे की बेटी बनी IAS अफसर, पिता थे चीनी मिल में वर्कर

IAS Ankita Chaudhary: हरियाणा के रोहतक जिले की अंकिता ने 2017 में जब पहली बार सिविल सेवा की परीक्षा दी तो उन्हें सफलता नहीं मिली लेकिन अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 14 हासिल की। रोहतक के महम ...

IAS Ankita Chaudhary: हरियाणा के रोहतक जिले की अंकिता ने 2017 में जब पहली बार सिविल सेवा की परीक्षा दी तो उन्हें सफलता नहीं मिली लेकिन अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 14 हासिल की। रोहतक के महम की रहने वाली अंकिता चौधरी ने इंटरमीडिएट के बाद दिल्ली के हिंदू कॉलेज से ग्रेजुएशन किया।

इसके बाद उन्होंने यूपीएससी का मन बनाया, हालांकि इसके पहले अंकिता ने पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिला ले लिया था। अंकिता चौधरी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में तब तक नहीं बैठीं जब तक कि उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी नहीं कर ली। उन्होंने मास्टर डिग्री प्राप्त करने के बाद यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी।

Haryana Census 2027: Self-enumeration begins on April 16; fill out the Census Form this way
Haryana Census 2027: स्व-गणना 16 अप्रैल से शुरू,ऐसे भरें Census Form

27f0d83cd5289a7607a3032fe53f811d

मां की सड़क हादसे में हो गई थी मौत

IAS Ankita Choudhary

पढ़ाई के दौरान ही अंकिता की मां का एक सड़क हादसे में निधन हो गया था। इस घटना ने अंकिता को गहरा धक्का दिया लेकिन उन्होंने खुद को कमजोर नहीं होने दिया। उन्होंने आईएएस अधिकारी बनकर अपनी दिवंगत मां को श्रद्धांजलि दी। इसमें उनके पिता ने उनका भरपूर साथ दिया।

PMAY-U 2.0: Now the dream of urban poor will be fulfilled, 2,646 houses approved in Haryana
PMAY-U 2.0: अब शहरी गरीबों का सपना होगा पूरा, हरियाणा में 2,646 मकानों को मंजूरी

दूसरे प्रयास में मिली सफलता

अंकिता ने जब पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी तो वे फेल हो गईं, लेकिन उन्होंने अपनी कमियों का एनालिसिस किया और दूसरे प्रयास में उन्हें सुधारकर बेहतर तरीके से तैयारी की। उनका मानना है कि हर बार कमियों को सुधारकर आप अपनी तैयारी को काफी मजबूत बना सकते हैं।

bc35b12674f64c4ffbf885f33dc5cdcc

Beware of rumours on LPG supply: Government sets up control rooms in every district
LPG supply पर अफवाहों से रहें सावधान: हरियाणा सरकार ने हर जिले में कंट्रोल रूम किए स्थापित, देखें लिस्ट

अंकिता ने 2018 में ठोस रणनीति और लगन के साथ दूसरी बार यूपीएससी की परीक्षा दी। इस बार अंकिता ने ऑल इंडिया रैंक 14 हासिल किया। अंकिता अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने पिता, अपनी कड़ी मेहनत को देती हैं। अंकिता कहती हैं कि सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा के लिए किसी भी प्रतियोगी को उत्तर लिखने का अभ्यास करना बेहद जरूरी होता है।

About the Author