Wheat Crop Area: इस वजह से गेहूं की खेती बढ़ा रहे किसान, जानें इस साल कैसी होगी पैदावार

गेहूं के बढ़ते दामों के बीच केंद्रीय कृष‍ि मंत्रालय ने उपभोक्ताओं के ल‍िए एक राहत भरी खबर दी है। गेहूं की बुवाई इस रबी सीजन में 324.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है, जबकि पिछले साल यह 318.33 लाख हेक्टेयर ...

गेहूं के बढ़ते दामों के बीच केंद्रीय कृष‍ि मंत्रालय ने उपभोक्ताओं के ल‍िए एक राहत भरी खबर दी है। गेहूं की बुवाई इस रबी सीजन में 324.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है, जबकि पिछले साल यह 318.33 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में थी। यानी अच्छे दाम की उम्मीद में क‍िसानों ने इसकी खेती का एर‍िया बढ़ा द‍िया है। इस समय भी गेहूं का दाम उसके MSP से ज्यादा है।

खबरों की मानें, तो साप्ताह‍िक समीक्षा के दौरान मंत्रालय के अध‍िकार‍ियों ने कृष‍ि मंत्री को इन आंकड़ों की जानकारी दी है। अधिकारियों ने बताया कि तापमान और जलाशयों की स्थिति के हिसाब से गेहूं और सरसों की उपज अच्छी होने की उम्मीद है। वहीं धान की बुवाई 42.54 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो कि प‍िछले साल 40.59 लाख हेक्टेयर दर्ज की गई थी।

इसी तरह से दलहन का रबी सीजन का बुवाई का क्षेत्र इस साल 140.89 लाख हेक्टेयर रहा है, जबकि प‍िछले साल यह 137.80 लाख हेक्टेयर में था।

Haryana Census 2027: Self-enumeration begins on April 16; fill out the Census Form this way
Haryana Census 2027: स्व-गणना 16 अप्रैल से शुरू,ऐसे भरें Census Form

तिलहन की फसलों की बुवाई इस साल 97.47 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई, ज‍िसका प‍िछले वर्ष 99.23 लाख हेक्टेयर क्षेत्र था, कमी वाला यह क्षेत्र अन्य फसलों-गेहूं और चना में डायवर्ट हुआ बताया है।

रबी फसलों के तहत कुल क्षेत्रफल कवरेज पिछले वर्ष की तुलना में 9.62 लाख हेक्टेयर ज्यादा है और कुल बुवाई क्षेत्र 661.03 लाख हेक्टेयर है, जबकि प‍िछले साल यानी 2024 में यह 651.42 लाख हेक्टेयर था। गेहूं, धान और दलहन की बुवाई भी पिछले साल से अधिक है।

प्याज की भी बुवाई बढ़ी

PMAY-U 2.0: Now the dream of urban poor will be fulfilled, 2,646 houses approved in Haryana
PMAY-U 2.0: अब शहरी गरीबों का सपना होगा पूरा, हरियाणा में 2,646 मकानों को मंजूरी

खबरों की मानें, तो समीक्षा बैठक में बताया गया कि रबी मौसम के लिए 14 फरवरी 2025 की स्थिति में, प्रमुख उत्पादक राज्यों में प्याज और आलू की बुवाई प‍िछले वर्ष से ज्यादा है। प्याज का क्षेत्र प‍िछले साल की तुलना में 1.52 और आलू का 0.32 लाख हेक्टेयर अधिक है। जबकि, टमाटर की बुवाई सामान्य रही है।

देश में रबी सीजन का कुल बोया गया सामान्य क्षेत्र प्याज के लिए 11.37 लाख हेक्टेयर, आलू के लिए 21.47 लाख हेक्टेयर और टमाटर के लिए 5.80 लाख हेक्टेयर था।

ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई के लिए बचा है समय

Beware of rumours on LPG supply: Government sets up control rooms in every district
LPG supply पर अफवाहों से रहें सावधान: हरियाणा सरकार ने हर जिले में कंट्रोल रूम किए स्थापित, देखें लिस्ट

वर्तमान में रबी सीजन में टमाटर और प्याज की बुवाई सुचारू रूप से चल रही है। अध‍िकार‍ियों का कहना है कि प्याज, टमाटर और आलू तीनों फसलों के लिए बुवाई का समय अभी बचा हुआ है और मौजूदा अच्छी बाजार कीमतों को देखते हुए, सामान्य क्षेत्र हासिल करने की उम्मीद है।

इसी तरह से ग्रीष्मकालीन बुवाई क्षेत्र की प्रगति जारी है, जो 14 फरवरी 2025 की स्थिति के अनुसार कुल फसल क्षेत्र 15.232 लाख हेक्टेयर है। इसमें मुख्य तौर पर धान की बुवाई इस साल 14 फरवरी तक 14.167 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो कि प‍िछले वर्ष से 0.360 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।

About the Author