WhatsApp Call Scam Alert: पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा, IPS ने आमजन को साइबर अपराधियों के नए तरीकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए Whatsapp एवं VOIP कॉल के माध्यम से की जा रही जबरन वसूली और ऑनलाइन ठगी को लेकर जन-जागरूकता एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि साइबर ठग विदेशी या मास्क्ड नंबरों का इस्तेमाल कर खुद को पुलिस, CBI अथवा अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते, धमकाते या झूठे मामलों में फंसाने का भय दिखाकर पैसे ऐंठने का प्रयास करते हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने आमजन को इस प्रकार के साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए ‘अभेद्य ऐप’ और ‘दोहरी OTP प्रणाली’ जैसी महत्वपूर्ण सुरक्षा पहल शुरू की हैं। ‘अभेद्य ऐप’ संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय लोकेशन, अज्ञात नंबरों से आने वाली वीओआईपी कॉल, व्हाट्सएप कॉल, वॉयस नोट्स और संदेशों को पहचानने व ब्लॉक करने में सहायक है। वहीं ‘दोहरी ओटीपी प्रणाली’ विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के ऑनलाइन लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाती है।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी कई बार फर्जी लिंक, मोबाइल ऐप या दस्तावेज भेजकर लोगों की बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने का प्रयास भी करते हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय सतर्कता बरतना ही सबसे प्रभावी बचाव है।
आमजन के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय:
️ अपने मोबाइल में ‘अभेद्य ऐप’ इंस्टॉल करें।
️ अज्ञात, विदेशी या मास्क्ड नंबरों से आने वाली कॉल एवं संदेशों से सतर्क रहें।
️ किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें।
️ ऑनलाइन भुगतान के दौरान ‘दोहरी ओटीपी प्रणाली’ का उपयोग करें।
️ वरिष्ठ नागरिक अतिरिक्त सुरक्षा के लिए किसी विश्वसनीय परिजन को ओटीपी सत्यापन से जोड़ें।
️ डराने, धमकाने या लालच देने वाली कॉल पर तत्काल कोई कार्रवाई न करें।
️ किसी भी संदिग्ध लिंक, फाइल या ऐप को डाउनलोड करने से बचें।
यदि ये संकेत दिखाई दें तो तुरंत सतर्क हो जाएं:
️ विदेशी या अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप/वीओआईपी कॉल आना।
️ खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य एजेंसी का अधिकारी बताना।
️ तुरंत पैसे भेजने का दबाव बनाना।
️ संदिग्ध लिंक या ऐप डाउनलोड करने के लिए कहना।
️ ओटीपी, बैंक खाता या अन्य वित्तीय जानकारी मांगना।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की साइबर ठगी या जबरन वसूली का शिकार होता है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं। इसके अलावा निकटतम थाना या साइबर थाना को भी तुरंत सूचना दें।
उन्होंने आमजन से अपील की कि साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बचें, सुरक्षा संबंधी सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करें तथा अपने परिवार और परिचितों को भी इन तरीकों के बारे में जागरूक करें। सतर्कता और समय पर दी गई सूचना ही साइबर अपराधों के विरुद्ध सबसे प्रभावी सुरक्षा है।






