Kal Ka Mausam: उत्तर भारत में मौसम ने करवट ले ली है और कई राज्यों में भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलनी शुरू हो गई है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में बारिश, आंधी और तेज हवाओं की संभावना अगले कुछ दिनों तक बनी रहने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने विभिन्न राज्यों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
Table of Contents
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह का न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 9 डिग्री अधिक है। सुबह की नमी 68% तक रही। हालांकि रविवार तड़के हुई हल्की बारिश ने लोगों को कुछ राहत जरूर दी।
आईएमडी ने दिल्ली के लिए बुधवार (19 जून) तक ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और बिजली गिरने, और 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी में अगले दो-तीन दिनों तक मौसम इसी तरह अस्थिर और नमी भरा बना रह सकता है।
राजस्थान का मौसम?
राजस्थान के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश का असर दिखने लगा है। रविवार को चुरू में अधिकतम तापमान 41.5°C और गंगानगर में 40°C दर्ज किया गया।
राज्य के जयपुर, कोटा, भरतपुर जैसे क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी देखने को मिली, जिससे तापमान में गिरावट आई है।
आईएमडी के अनुसार 20 और 21 जून को कोटा और भरतपुर संभाग में भारी बारिश की चेतावनी है। अगले 48 घंटों में तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। लू से राहत मिलने के पूरे आसार हैं।
उत्तर प्रदेश में बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने लगी है। 16 जून से 22 जून तक के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। 17 जून को गरज-चमक के साथ तेज बारिश, 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं, और कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी है।
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर में ओलावृष्टि की संभावना व गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़, बुलंदशहर में बिजली गिरने का खतरा है। आम जनता को सलाह दी गई है कि वे खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाए रखें।
मध्यप्रदेश का मौसम
मध्यप्रदेश में मानसून के आगमन में एक सप्ताह की देरी हो चुकी है। अब 21-22 जून तक इसके छिंदवाड़ा, बालाघाट और डिंडोरी जिलों से प्रवेश करने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां कमजोर रहीं, लेकिन आने वाले 48 घंटों में महाराष्ट्र और गुजरात से सटी सीमा पर बारिश तेज हो सकती है। सामान्यतः मानसून 15 जून तक मध्यप्रदेश पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसके धीरे-धीरे आगे बढ़ने की संभावना है।






