Success Story: पिता की मौत के बाद नहीं टूटा हौसला, तीसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर बने IPS अफसर

Success Story: आपने कई सफल लोगों की कहानियां पढ़ी होंगी, लेकिन कुछ जीवन संघर्षों की गहराई इतनी होती है कि वे न सिर्फ प्रेरित करती हैं, बल्कि हमें सोचने पर मजबूर कर देती हैं। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है ...

Success Story: आपने कई सफल लोगों की कहानियां पढ़ी होंगी, लेकिन कुछ जीवन संघर्षों की गहराई इतनी होती है कि वे न सिर्फ प्रेरित करती हैं, बल्कि हमें सोचने पर मजबूर कर देती हैं। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है IPS नवनीत आनंद की, जिन्होंने कठिन हालातों को पीछे छोड़कर यूपीएससी 2023 में 499वीं रैंक हासिल की और आईपीएस कैडर पाने में सफलता प्राप्त की।

पिता की असमय मृत्यु, बचपन से जिम्मेदारी का बोझ

नवनीत आनंद की जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बदल गई, जब वे महज सातवीं कक्षा में थे और पिता का साया उनके सिर से उठ गया। पिता की मौत के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी नवनीत के कंधों पर आ गई। लेकिन उन्होंने हालात से हार मानने के बजाय पढ़ाई और पारिवारिक जिम्मेदारी दोनों को बराबरी से निभाया।

rewari update
Rewari News : इन दो महिलाओं की Video Viral ! रेवाड़ी की राजनीति गरमाई , देखें क्या है पूरा मामला !

नवनीत ने 2010 से 2017 तक राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित सैनिक स्कूल में पढ़ाई की। यह वही दौर था, जब उन्होंने अनुशासन और आत्मनिर्भरता को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया। इसके बाद उन्होंने अंबेडकर यूनिवर्सिटी दिल्ली से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से सोशियोलॉजी में मास्टर्स पूरा किया। इन्हीं दिनों उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की थी।

एक नहीं, कई परीक्षाओं में सफलता

नवनीत सिर्फ यूपीएससी तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने CAPF, CDS, UGC NET जैसी कई प्रतियोगी परीक्षाएं पास कीं। इन सफलताओं ने उनके आत्मविश्वास को मज़बूत किया, लेकिन उनका असली सपना UPSC का एग्जाम क्रैक करना था।

Manisha Mittal Murder :Had already expressed apprehension about a threat to life.
Manisha Mittal Murder : पहले ही जताया था जान का खतरा, वायरल वीडियो के बाद पुलिस पर उठे सवाल

तीसरे प्रयास में मिली मंजिल

यूपीएससी के पहले दो प्रयासों में असफलता हाथ लगी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने बिना कोचिंग, सेल्फ स्टडी और अनुशासन के दम पर तीसरे प्रयास की तैयारी की। संसाधनों की कमी, घर से दूरी और मानसिक दबाव के बावजूद नवनीत ने खुद को कमजोर नहीं पड़ने दिया। 2023 में, तीसरे प्रयास में नवनीत ने 499वीं रैंक के साथ सिविल सेवा परीक्षा पास की और अब वे आईपीएस अधिकारी बन गए हैं।

The untold story of the bravery of Rewari's brave Rao Tularam
Untold story: रेवाड़ी के वीर राव तुलाराम के शौर्य की अनकही गाथा, जिन्होने अंग्रेजों को दी खुली चुनौती
About the Author