Rohtak Electricity Supply: गर्मी में बिजली की डिमांड बढ़ना आम बात है। इसके चलते बिजली विभाग को अवैध कट लगना पड़ता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सिस्टम पर अचानक लोड बढ़ने पर विभाग के पास भी इसका कोई अन्य विकल्प नहीं होता है। इन हालातों को कंट्रोल करने के लिए बिजली निगम में इस बार नया प्लान बनाया है। इसके तहत 100 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ है। इसके लिए टेंडर भी जारी हो चुका है। जिसमें ट्रांसफार्मर और केबल बदलने से लेकर नए फीडर बनाने का काम प्रमुख रूप से किया जाएगा। यह चालू वर्ष के अंत तक पूरा किया जाना है।
जानकारी के मुताबिक, रोहतक में गर्मी के सीजन में बिजली की खपत 90 लाख यूनिट तक पहुंची थी। इस बार लोगों को बिजली कटौती का सामना न करना पड़े। इसके लिए बिजली निगम ने बिजली सप्लाई के बुनियादी ढांचे में सुधार की योजना बनाई है। इसके लिए 100 करोड रुपए की कीमत से कार्य करने का टेंडर जारी किया है। इसमें शहर में जरूरत की जगहों पर 200 KVA या इससे अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर रखना शामिल है। इसमें बिजली निगम की मंशा 1000 KVA तक के ट्रांसफार्मर रखने की है। ताकि एक ट्रांसफार्मर से पूरी कॉलोनी में सप्लाई की जा सके।
खबरों की मानें, तो शहरी क्षेत्र में 618 KM तक बदला जाएगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि पुराने शहर के क्षेत्र के अलावा गांधी कैंप, जवाहर नगर के क्षेत्र में पुराने केबल फाल्ट की वजह बने रहे हैं। योजना में पुराने केबल को बदलना प्रमुख रुप से शामिल किया है। इसके अलावा 50 नए फीडर बनेंगे, जिससे फीडर ओवरलोड होने की स्थिति में दूसरे फीडर से बिजली की सप्लाई करने के विकल्प बढ़ जाएंगे। नए फीडर बनाने का काम दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 20 फीडर लगेंगे, जबकि दूसरे चरण में 30 फीडर लगाने का काम किया जाएगा।
इस पूरे मामले में रोहतक के एसई मनिंदर सिंह कादयान का कहना है कि निर्बाध बिजली सप्लाई के लिए काम किया जा रहा है। नए फीडर लगाए जा रहे हैं। केबल बदलने और ट्रांसफार्मर बदलने का भी जारी है। इससे गर्मी में बिजली की सप्लाई पहले से बेहतर होगी।






