Rewari News: पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के कुशल निर्देशन में जिला पुलिस लगातार अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में “ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन” के तहत सीआईए रेवाड़ी ने बनीपुर चौक के पास टैक्सी चालक को गोली मारकर लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है।
इस संबंध में प्रेस वार्ता के दौरान DSP बावल सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि सीआईए रेवाड़ी प्रभारी निरीक्षक सुमेर सिंह की टीम ने 15/16 दिसंबर की रात हुई वारदात के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में दो आरोपियों—राजस्थान के अजमेर जिले के गांव अखर (घूघरा घाटी) निवासी देवांशु और उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के गांव सुरजीपुर निवासी शुभम वर्मा—को गिरफ्तार कर लिया था।
DSP ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर भारी मात्रा में अवैध हथियार और अत्याधुनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। आरोपियों से अब तक कुल 7 देशी पिस्टल, 339 जिंदा राउंड, 11 मैगजीन, 22 मैगजीन स्प्रिंग, एक बैरल स्प्रिंग, 6 वॉकी-टॉकी सेट, वेव ब्लॉकर (जैमर), जीपीएस डिटेक्टर, मोबाइल फोन, वारदात में प्रयुक्त आईफोन, सिम कार्ड, दस्ताने, दूरबीन, हथकड़ी सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी देवांशु PhD की तैयारी कर रहा था। उसने खुलासा किया कि उसके पिता सूरजभान, जो राजस्थान पुलिस में ईमानदार सिपाही थे, वर्ष 1995 में एक ‘प्लांड एक्सीडेंट’ का शिकार हुए थे। देवांशु को संदेह था कि इस घटना के पीछे हिस्ट्रीशीटर व नशा कारोबारी विनोद फैडरिक का हाथ था, जिसे उसके पिता ने पहले जेल भिजवाया था। इसी रंजिश के चलते देवांशु ने बदला लेने की नीयत से अपने साथी शुभम के साथ मिलकर अवैध हथियार और उपकरण जुटाने शुरू किए।
जांच के दौरान इस मामले में हथियार सप्लाई करने वाले यूपी के मेरठ जिले के भगवतपुरा निवासी बंटी सिंह को भी 19 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उससे हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। रेवाड़ी पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।






