jeth Month 2025: हिंदू कैलेंडर का दूसरा महीना वैशाख चल रहा है। कुछ ही दिनों में वैशाख का महीना खत्म होने के बाद ही ज्येष्ठ महीने की शुरुआत हो जाएगी। ज्येष्ठ माह हिंदू पंचांग का तीसरा महीना होता है, जिसमें गर्मी अपने चरम पर होती है। धार्मिक दृष्टि से ज्येष्ठ महीने का विशेष महत्व माना जाता है। आइए जानते हैं कि ज्येष्ठ का महीना कब से शुरु हो रहा है।
ज्येष्ठ मास का क्या महत्व है?
ज्येष्ठ मास तप, संयम और सेवा का महीना माना गया है। हालां कि इस महीने में गर्मी बहुत ज्यादा होती है। इसलिए इस महीने में जलदान, व्रत और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। ज्येष्ठ महीने को जेठ माह के नाम से भी जाना जाता है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ माह मे भगवान श्री राम से हनुमान जी की मुलाकात पहली बार हुई थी। इसलिए यह महीना हनुमान जी की पूजा के लिए बहुत खास माना गया है। ज्येष्ठ में श्रीराम जी के साथ हनुमान जी की पूजा करना शुभ फलदायी होता है।
ज्येष्ठ महीना कब से शुरू हो रहा है?
इस साल ज्येष्ठ का महीना 13 मई से शुरु हो रहा है। वहीं ज्येष्ठ समापन 11 जून को होगा। ज्येष्ठ माह में कई बड़े त्योहार अपरा एकादशी, शनि जयंती, वट सावित्री व्रत, गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी आदि पड़ते हैं.
जेठ के महीने में किसकी पूजा करनी चाहिए?
ज्येष्ठ महीने में सूर्य देव की पूजा करना शुभ माना गया है। इ माह में सूर्य देव को अर्ध्य देने से आरोग्य और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन गंगा नदी में स्नान करने और गंगा मैय्या की पूजा करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।






