Haryana Weather : हरियाणा में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। प्रदेश के 10 जिलों हिसार, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, पंचकूला, जींद और फतेहाबाद में लगातार बारिश हो रही है। इस भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं और बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
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नदियों का बढ़ा जलस्तर
कुरुक्षेत्र की मारकंडा नदी और फरीदाबाद में यमुना नदी बारिश और बैराज से छोड़े गए पानी के कारण ओवरफ्लो हो गई हैं। फरीदाबाद के रजपुरा गांव के खेतों में पानी भर गया है और फसलें पूरी तरह डूब गई हैं।
दिल्ली के ओखला बैराज से 55 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसका असर हरियाणा के निचले इलाकों पर साफ दिखाई दे रहा है।
हरियाणा के सिरसा जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते घग्गर नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है, जिससे इलाके में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने खुद कमान संभाल ली है।
हिसार और फतेहाबाद में हालात बिगड़े
हिसार में मूसलाधार बारिश से सड़कों और गलियों में पानी भर गया। 33 केवी आर्य नगर पावर हाउस में पानी घुसने के कारण सप्लाई बंद करनी पड़ी। फतेहाबाद के गोरखपुर में भी भारी जलभराव की स्थिति बन गई है।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि आज (31 अगस्त) और 1 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। कुछ स्थानों पर तेज बारिश की भी संभावना है।






