फेसबुक पर दोस्ती कर फ्लैट के कमरे में बुलाती थी महिला और फिर शुरू होता था ऐसा खेल….

Honey Trap: दिल्ली की रोहिणी पुलिस ने फेसबुक पर दोस्ती करने के बाद लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर उगाही करने वाले एक गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने इस गैंग के तीन बदमाशों को भी अरेस्ट किया है, ...

Honey Trap: दिल्ली की रोहिणी पुलिस ने फेसबुक पर दोस्ती करने के बाद लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर उगाही करने वाले एक गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने इस गैंग के तीन बदमाशों को भी अरेस्ट किया है, जो पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को धमकाते थे और फिर उनसे उगाही करते थे। इन आरोपियों के कब्जे से दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर की वर्दी, एक शर्ट, फर्जी पहचान पत्र, तीन मोबाइल फोन और दो स्कूटी भी बरामद हुई है।

पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों की पहचान फ्रेंड्स कॉलोनी (बहादुरगढ़ हरियाणा) निवासी नीरज (36), जौहरी नगर (बहादुरगढ़ हरियाणा) निवासी आशीष (35) और वत्स कॉलोनी (बहादुरगढ़ हरियाणा) निवासी योगेश उर्फ ढिल्लू के रूप में हुई है। बदमाश नीरज को इस गैंग का सरगना बताया जा रहा है। उस पर पहले से ही तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह हनी ट्रैप कर उगाही के मामले एक साल जेल में भी रह चुका है। फिलहाल, पुलिस इस गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में भी जुटी हुई है। आइए जानते हैं कि ये बदमाश लोगों को कैसे अपने जाल में फंसाते थे।

ऐसे पकड़ने गए तीनों आरोपी

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इस मामले में रोहिणी जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विष्णु कुमार ने जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि स्पेशल स्टाफ को काफी समय से हनी ट्रैप गैंग के रोहिणी इलाके में एक्टिव होने की जानकारी मिल रही थी। इसके साथ ये भी पता चला था कि गैंग के बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों पर झूठे मामले दर्ज करने की धमकी देते हैं और फिर उनसे उगाही कर रहे हैं। किसी ने इस मामले की शिकायत नहीं दी तो मुखबिर को इलाके में एक्टिव करना पड़ा।

इसी बीच बुधवार को पुलिस को इस गैंग के सदस्यों के विजय विहार के श्मशान घाट रोड के पास आने की जानकारी मिली। उसके बाद पुलिस टीम ने वहां घेराबंदी कर दी। इसी बीच पुलिस की टीम को वर्दी पहनकर एक व्यक्ति स्कूटी पर दिखा। उसके साथ ही दूसरी स्कूटी पर दो अन्य लोग भी सवार थे। पुलिस ने उन्हें रोका। वर्दी पहने व्यक्ति से पुलिस ने उसकी तैनाती के बारे में पूछताछ की और उसका आईकोर्ड मांगा तो वह इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद उसकी तलाशी ली गई।

पुलिस को तलाशी के उसके पास से सब इंस्पेक्टर का फर्जी पहचान पत्र मिला। जिसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।इसके बाद पुलिस को जांच में यह पता चला कि नीरज पर बहादुरगढ़ और सोनीपत हरियाणा में शस्त्र अधिनियम के दो केस दर्ज है। जबकि पश्चिम विहार थाने में हनी ट्रैप कर उगाही के मामले दर्ज हैं। वह उगाही के केस में एक साल जेल में बंद था।

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ऐसे बनाते थे निशाना

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो फेसबुक के जरिए अमीर और अकेले रहने वाले लोगों को निशाना बनाते थे। वह अपने गैंग की महिला सहयोगी के साथ पीड़ितों की दोस्ती करवाते थे। उसके बाद महिला उन्हें मिलने के लिए फ्लैट पर बुलाती थी। जहां कमरे में रहने के दौरान आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर आ जाते थे और फिर पीड़ित को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते थे और उनसे मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पीड़ित ने इनके खिलाफ शिकायत नहीं की है। ये ही वजह है कि इन्हें पकड़ने में देरी हुई।

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