Haryana News: हरियाणा के नूंह जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां एंटी करप्शन ब्यूरो ने गांव बसई मेव के निवर्तमान सरपंच हनीफ उर्फ हन्ना समेत तीन की गिरफ्तारी पर 50-50 हजार रुपए का ईनाम घोषित कर दिया है। इन तीनों पर अरावली में अवैध खनन माफिया के साथ मिले होने का आरोप है। इसके साथ ही कई सरकारी विभागों के अधिकारी भी ACB के रडार पर है। इस मामले में अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
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अवैध खनन पर सैनी सरकार गंभीर
जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) की सख्ती के बाद प्रदेश की सैनी सरकार अब इस मामले को गंभीरता से ले रही है। यही कारण है कि स्थानीय प्रशासन भी एक्टिव मोड में है।
बताया जा रहा है कि सीईसी की सख्ती के बाद ही एक जून को अवैध खनन मामले में ACB ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। FIR में खनन एवं भू विज्ञान, पंचायत, वन एवं पर्यावरण, राजस्व-चकबंदी समेत कई विभागों के ‘अज्ञात’ अधिकारियों व कर्मचारियों को भी शामिल किया गया। जबकि तत्कालीन सरपंच हनीफ उर्फ हन्ना पर खनन माफिया से मिलीभगत का आरोप लगा था और इस मामले में सरपंच समेत तीन लोगों को नामजद किया गया है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार है हनीफ उर्फ हन्ना
खबरों की मानें, तो एफआईआर दर्ज होने के बाद से से हनीफ उर्फ हन्ना फरार है। एसीबी की जांच में यह सामने आया है कि अवैध खनन और बिना जरूरत के रास्तों के निर्माण में बसई मेव के ही शौकत और साबिर का भी हाथ है। हालांकि, अभी तक तीनों एसीबी की पहुंच से बाहर है।






