Haryana News: हरियाणा कैडर की 2014 बैच की IAS अधिकारी रानी नागर एक बार फिर विवादों और चर्चाओं के केंद्र में आ गई हैं। इस बार हरियाणा सरकार ने उनकी जबरन सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) का प्रस्ताव केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (DoPT) को भेजा है। बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव की ओर से उन्हें सेवा समाप्ति से जुड़ा यह चौथा नोटिस भेजा गया है, लेकिन अब तक रानी नागर की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है।
रानी नागर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की निवासी हैं, लेकिन उन्होंने अपनी प्रशासनिक सेवा हरियाणा में दी। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में वह कई विवादों में रहीं और 2020 के बाद से किसी भी सक्रिय प्रशासनिक जिम्मेदारी में नहीं हैं।
रानी नागर का प्रशासनिक करियर शुरुआत से ही विवादों से घिरा रहा है। उनके जीवन से जुड़ी कुछ प्रमुख घटनाएं:
-
2018 में उत्पीड़न का आरोप – पशुपालन विभाग में अतिरिक्त सचिव रहते हुए उन्होंने तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव पर दुर्व्यवहार और उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके बाद मामला मीडिया में आया।
-
SDM रहते जान का खतरा – डबवाली में एसडीएम रहते उन्होंने एक ऑटो ड्राइवर से जान का खतरा बताया और तत्कालीन डीजीपी को पत्र लिखकर सुरक्षा मांगी।
-
चंडीगढ़ गेस्ट हाउस कांड – 2020 में उन्होंने वीडियो जारी कर दावा किया कि चंडीगढ़ के यूटी गेस्ट हाउस में उन्हें जहर देने की कोशिश की गई। उन्होंने भोजन में लोहे की कीलें मिलने का आरोप लगाया और इसे एक कोर्ट केस से जोड़ा।
-
लॉकडाउन के दौरान इस्तीफे की धमकी – लॉकडाउन में खुद को असुरक्षित बताते हुए उन्होंने कहा था कि वे गाजियाबाद लौट जाएंगी। इसके तुरंत बाद उन्होंने मई 2020 में आधिकारिक रूप से इस्तीफा दे दिया।
हरियाणा सरकार ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया और ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए, लेकिन रानी नागर सेवा में वापस नहीं आईं। इसके बाद से वह गाजियाबाद स्थित अपने आवास पर रह रही हैं।






