Haryana CET 2025: हरियाणा CET परीक्षा के अभ्यर्थी ने संयुक्त पात्रता परीक्षा यानी सीईटी के नियमों को चनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। इस मामले में सरकार के साथ -साथ HSSC को भी नोटिस जारी किया गया है।
सरकारी नौकरी और भर्ती परीक्षा मामले में हाईकोर्ट का ये फैसला बहुत महत्वपूर्ण रहने वाला है। दरअसल, यह याचिका कैथल निवासी नाबालिग अभ्यर्थी प्रभजीत सिंह ने दायर की है। याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि उसे एग्जाम में सिर्फ इस वजह से नहीं बैठने दिया गया क्योंकि वह इस परीक्षा में बैठने के लिए निर्धारित उम्र से 41 दिन कम था।
वह अन्य सभी जरूरी योग्यताएं पूरी करता है। प्रभजीत ने कहा कि उसने 2023 में 10वीं और 2025 में 12वीं की परीक्षा पास की है। जिससे वह CET परीक्षा के लिए जरुरी शैक्षणिक योग्यता को पूरी करता है।
याचिका में ये दी गई दलील
याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि हरियाणा सिविल सेवा नियम 2016 के अनुसार किसी भी सरकारी सेवा में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 18 साल और अधिकतम 42 वर्ष रखी गई है। CET सिर्फ एक पात्रता परीक्षा है और चयन प्रक्रिया जुलाई 202 के बाद ही संभव है। इसलिए याचिकाकर्ता को आवेदन की अनुमति दी जानी चाहिए। क्योंकि वह नियुक्ति से पहले 18 साल का हो जाएगा।
CET में उम्र सीमा क्या है?
हरियाणा सरकार की तरफ से 31 दिसंबर 2024 को जारी HSSC CET गाइडलाइन और 26 मई 2025 को जारी भर्ती विज्ञापन के तहत यह शर्त रखी गई है कि जिस आवेदनक की उम्र निर्धारित न्यूनतम सीमा 18 साल से कम है वह आवेदन के लिए अयोग्य माना जाएगा।
9 जून को देना होगा जवाब
याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि प्रभजीत की आयु आवेदन की आखिरी तारीख 12 जून 2025 को 17 साल 10 महीने 20 दिन थी। यानी सिर्फ 33 दिन कम है। ऐसे में उसे सिर्फ उम्र की तकनीकी कमी के आधार पर परीक्षा में बैठने से रोकना अनुचित है।
याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने हरियाणा सरकार व कर्मचारी चयन आयोग को 9 जून के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।






