Haryana News: हरियाणा के यात्रियों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। अब जल्द ही खराब मौसम में भी फ्लाइट्स का संचालन संभव हो सकेगा। इसके लिए हिसार एयरपोर्ट पर तकनीकी बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने विमान संचालन को सुरक्षित और नियमित बनाए रखने के लिए विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) को इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (IFR) में बदलने की मांग की है।
वर्तमान में हिसार एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) के तहत हो रहा है, जो केवल अच्छे मौसम और साफ दृश्यता में ही काम करता है। इस सिस्टम में पायलट को बाहरी दृश्य संकेतों के आधार पर विमान उड़ाना होता है, जिससे धुंध, आंधी या कम रोशनी की स्थिति में उड़ान असंभव हो जाती है।
लेकिन यदि IFR सिस्टम लागू हो जाता है, तो पायलट खराब मौसम में भी केवल इंस्ट्रूमेंट्स के सहारे विमान को सुरक्षित रूप से उड़ा और उतार सकेंगे। IFR के तहत केवल 1400 मीटर दृश्यता में भी उड़ान भरना संभव होता है, जबकि अभी VFR के तहत कम से कम 5000 मीटर दृश्यता की जरूरत होती है।
DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) के ऑपरेशनल डायरेक्टर प्रशांत फुलमरे के अनुसार, नाइट लैंडिंग सुविधा को शुरू करने की दिशा में भी प्रक्रिया चल रही है। हालांकि इसके लिए अभी कुछ औपचारिकताएं और कागजी कार्रवाई बाकी हैं। IFR सिस्टम लागू होने के बाद रात में विमान उतरने की सुविधा भी संभव हो सकेगी।
सूत्रों के मुताबिक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने मार्च में जो लाइसेंस हिसार एयरपोर्ट को दिया था, वह केवल 6 महीने के लिए वैध है। चूंकि अप्रैल में विमानों का संचालन शुरू हुआ था, इसलिए यह लाइसेंस अक्टूबर तक ही मान्य रहेगा।
विमान कंपनी अलायंस एयर एविएशन ने 24 अक्टूबर तक के लिए बुकिंग भी खोल दी है। सरकार अब अगले सप्ताह तक IFR लाइसेंस के लिए आवेदन करेगी ताकि उड़ानें बाधित न हों और संचालन नियमित रूप से जारी रह सके।






