Cyber Crime Alert: बढ़ते डिजिटल लेन-देन के इस दौर में जहाँ ऑनलाइन सेवाएँ सुगम हुई हैं, वहीं साइबर अपराधियों द्वारा आमजन को ठगने, डराने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। नागरिकों की गाढ़ी कमाई और उनकी डिजिटल सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेवाड़ी पुलिस द्वारा एक विशेष साइबर एडवाइजरी जारी की गई है।
इसके साथ ही, हरियाणा पुलिस द्वारा विकसित तकनीक आधारित अत्याधुनिक *अभेद्य’ (Abhedya) मोबाइल ऐप* को साइबर अपराध, एक्सटॉर्शन (रंगदारी) और डिजिटल उत्पीड़न के खिलाफ एक सशक्त हथियार के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
साइबर सुरक्षा के ‘गोल्डन रूल्स’: क्या करें और क्या न करें

पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम *’जागरूकता और सतर्कता’* है। साइबर अपराधियों के जाल से बचने के लिए निम्नलिखित मुख्य सावधानियाँ बरतना अत्यंत आवश्यक है:
- गोपनीयता बनाए रखें (ओटीपी/पिन शेयर न करें):अपना बैंक ओटीपी (OTP), कार्ड का CVV, एटीएम पिन (PIN) या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। बैंक या सरकारी एजेंसियाँ कभी भी आपसे गुप्त क्रेडेंशियल नहीं माँगतीं।
- अज्ञात लिंक और एपीके (.APK)फ़ाइलों से बचें: व्हाट्सएप, एसएमएस या ईमेल पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक या अज्ञात ऐप्स (APK Files) पर क्लिक न करें। ये आपके फोन का कंट्रोल लेकर डेटा और पैसे चुरा सकते हैं।
3.‘डिजिटल अरेस्ट’ के डर से बचें: पुलिस, सीबीआई, ईडी, कस्टम्स या अन्य कोई भी सरकारी एजेंसी कभी भी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती और न ही पैसे ट्रांसफर करने को कहती है। ऐसा कॉल आते ही बिना डरे तुरंत फोन काटें।
- लुभावने ऑफर्स से सतर्क रहें:ज्यादा मुनाफे वाली फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीमों, टेलीग्राम टास्क, लॉटरी या पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर पैसे की मांग करने वाले विज्ञापनों पर आंख बंद कर भरोसा न करें।
साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत करें ये 3 काम
यदि किसी कारणवश आप या आपका कोई परिचित साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाता है, तो घबराएं नहीं और तुरंत निम्नलिखित कदम उठाएं:
‘गोल्डन अवर्स’ (1-2 घंटे) में डायल करें 1930: वित्तीय ठगी होते ही बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर *1930* पर तुरंत कॉल करें। शुरुआती 1 से 2 घंटों (गोल्डन अवर्स) के भीतर सूचना देने पर ठगी गई राशि को अपराधियों के खातों में फ्रीज (Freeze) कराए जाने की संभावना सर्वाधिक होती है।
पोर्टल पर दर्ज कराएं ऑनलाइन शिकायत: नागरिक स्वयं भी राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल *www.cybercrime.gov.in* पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।
जरूरी विवरण रखें तैयार: शिकायत दर्ज कराते समय ट्रांजैक्शन आईडी (Txn ID), बैंक खाता विवरण, यूपीआई आईडी (UPI ID) और संबंधित मोबाइल नंबर की जानकारी पास रखें।
‘अभेद्य’ ऐप: रंगदारी व फर्जी कॉल्स पर सीधा वार
साइबर अपराधों और धमकी भरे कॉल्स पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा *’अभेद्य’ मोबाइल ऐप* विकसित किया गया है। यह ऐप नागरिकों को फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल्स, रंगदारी, ‘डिजिटल अरेस्ट’ के खतरों और ऑनलाइन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करता है।
अभेद्य‘ ऐप की प्रमुख विशेषताएं:
संदिग्ध कॉल्स पर ऑटो-ब्लॉक: यह ऐप अज्ञात, वर्चुअल और संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय नंबरों की 24/7 निगरानी करता है और फोन की घंटी बजने से पहले ही संदिग्ध कॉल्स को ब्लॉक कर देता है।
संदिग्ध डेटा की स्वतः सफाई: ऐप में फर्जी कॉल्स, मैसेज, वॉयस नोट्स व संदिग्ध सामग्री यूजर तक पहुंचने से पहले ही फिल्टर हो जाती है, जिससे मानसिक तनाव और डर का माहौल समाप्त होता है।
डबल OTP प्रणाली: यह ऐप डबल ओटीपी सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे अनधिकृत एक्सेस और साइबर फ्रॉड की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
बैक-एंड ट्रेसिंग तकनीक: यूजर की गोपनीयता बनाए रखते हुए, यह ऐप पुलिस को बैक-एंड सिस्टम के जरिए अपराधियों तक पहुंचने और उन्हें ट्रेस करने में मदद करता है।
ऐक्सेस करने की प्रक्रिया: ‘अभेद्य’ ऐप गूगल प्ले स्टोर एवं एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध है। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए, ऐप के पूर्ण और अधिकृत ऐक्सेस के लिए उपयोगकर्ता को अपने संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय स्थित साइबर सैल से संपर्क कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी की आमजन से अपील
“साइबर अपराध से बचाव ही इसका सबसे बड़ा और पक्का समाधान है। आपकी थोड़ी सी सतर्कता आपको और आपके परिवार को वित्तीय व मानसिक नुकसान से बचा सकती है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और हरियाणा पुलिस की ‘अभेद्य’ ऐप जैसी डिजिटल सुरक्षा सुविधाओं का लाभ उठाएं।”






