Compensation: मुआवजे में देरी के चलते किसानों में भारी गुस्सा है। किसानों के इसी आक्रोश को देखते हुये आज जिला सचिवालय में प्रशासन ने किसान यूनियन के नेताओं के साथ बैठक की। जिस बैठक में किसानों ने अपनी तीन प्रमुख माँग जिला प्रशासन के सामने रखी। जिसके जवाब में डीसी मोहम्म्द इमरान रजा ने सबन्धित आधिकारियों से जवाब माँगा। किसानों ने कहा कि डीसी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि अगर अधिकारियों कि लापरवाही से मुआवजा जारी करने में देरी होती है तो लापरवाह अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज भी किया जा सकता है।
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किसानों की तीन प्रमुख मांगे
बता दें कि किसानों की तीन प्रमुख मांगों में पहली वर्ष 2022 में कपास, बाजरा, सरसों के नुकसान का मुआवजा अभी तक नहीं मिला, दूसरी एचएसआईडीसी द्वारा कई गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहण करने के बावजूद मुआवजा ना देने और हाल में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसल का नुकसान कम दिखाना व मुआवजा (Compensation) जल्द जारी करने की किसानों की माँग है।
अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन
किसान नेताओं ने कहा कि जिला प्रशासन के आश्वासन से वो काफी हद तक संतुष्ट है लेकिन साथ ही शासन –प्रशासन को आगाह कर देना चाहते है कि अगर 31 मई तक किसानों को मुआवजा (Compensation) जारी नहीं किया जाता है तो वो जिला सचिवालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे।






