Bath Only Wedding Day: यहां सिर्फ शादी के दिन नहाती है लड़कियां, वजह जान उड़ जाएंगे होश

Bath Only Wedding Day: शरीर की सफाई करने के लिए रोजाना नहाना बहुत जरुरी होता है। एक दो अगर ना नहाएं तो शरीर से परीने की बदबू आने लगती है। लेकिन आज हम आपको ऐसी जनजाति के बारे में बताने ...

Bath Only Wedding Day: शरीर की सफाई करने के लिए रोजाना नहाना बहुत जरुरी होता है। एक दो अगर ना नहाएं तो शरीर से परीने की बदबू आने लगती है। लेकिन आज हम आपको ऐसी जनजाति के बारे में बताने जा रहे हैं जहां लड़कियां जीवन में सिर्फ एक बार नहाती है। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह

आज हम आपको नामीबिया के जंगलों में बसी एक ऐसी अनोखी जनजाति से मिलवाने जा रहे हैं जिनका जीवन यापन आज भी उनकी पुरानी परंपराओं पर आधारित है।

जनजाति की पहचान

The untold story of the bravery of Rewari's brave Rao Tularam
Untold story: रेवाड़ी के वीर राव तुलाराम के शौर्य की अनकही गाथा, जिन्होने अंग्रेजों को दी खुली चुनौती

यह जनजाति नामीबिया के दूरदराज के इलाकों में रहती है। नामीबिया, जो कि अफ्रीका के दक्षिणी भाग में स्थित है, अपनी विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। हिम्बा जनजाति के लोग मुख्य रूप से कृषि और पशुपालन पर निर्भर करते हैं। उनका मुख्य व्यवसाय गाय, भेंड़ और बकरियों का पालन करना है। यहाँ के पुरुष शिकार और जानवरों की देखरेख में व्यस्त रहते हैं जबकि महिलाएं घर का कामकाज संभालती हैं।

विशेषताएं

हिम्बा जनजाति की महिलाएं अपनी अनोखी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध हैं। वे अपने शरीर पर लाल मिट्टी और जानवरों की चर्बी का मिश्रण लगाती हैं जो उन्हें एक खास लाल रंग प्रदान करता है। यह प्रथा न केवल उन्हें सुंदर बनाती है बल्कि तपती धूप और इन्फेक्शन से भी बचाती है। यह लेप उन्हें विशेष अवसरों पर ही नहीं बल्कि रोजमर्रा के जीवन में भी अलग पहचान दिलाता है।

These rules will change from 1 September 2025
Rule Changes: 1 सितंबर 2025 से बदल जाएंगे ये नियम, आम आदमी की जेब पर होगा सीधा असर

सामाजिक बनावट

हिम्बा जनजाति में पारिवारिक संरचना बहुत मजबूत होती है। पुरुष कई महिलाओं से विवाह कर सकते हैं, और यह प्रथा सामाजिक संरचना का एक अंग है। जनजाति में उम्र के हिसाब से विशेष सम्मान और जिम्मेदारियां दी जाती हैं। बच्चों को भी छोटी उम्र से ही घरेलू कार्यों और पशुपालन में हिस्सा लेना सिखाया जाता है।

 

ips noorul hasan
Success Story: गरीबी में बीता बचपन, बिना कोचिंग IPS अफसर बने नूरूल हसन

About the Author