Haryana News: हरियाणा में शराब ठेकों की आगामी नीलामी को लेकर राज्य सरकार ने पूरी गंभीरता दिखाई है। गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बुधवार को साफ संदेश दिया कि नीलामी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का भय, हस्तक्षेप या गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संभावित बोलीदाताओं से बिना डर के भाग लेने का आग्रह किया और उन्हें प्रशासनिक सुरक्षा और सहयोग का भरोसा दिया।
डॉ. मिश्रा ने यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, जींद, हिसार, रोहतक, करनाल और अंबाला जिलों के डीसी, एसपी और जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्तोंके साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कानून का पालन करने वाले हर बोलीदाता के साथ मजबूती से खड़ी है। किसी को भी सरकारी प्रक्रिया में भाग लेने से डरने की जरूरत नहीं है।
शराब ठेकों की नीलामी से पहले शांतनु हत्याकांड, रोहतक और यमुनानगर में ठेकेदारों को धमकाने की घटनाओं को देखते हुए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे स्थानीय बदमाशों और असामाजिक तत्वों की पहचान करें जो बोलीदाताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बार लगभग 260 जोन में बोली नहीं लगी, जिससे कई हजार करोड़ रुपये का राजस्व अटका पड़ा है। सरकार का रेवेन्यू लक्ष्य 14,063 करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि पिछले साल यह 11,054 करोड़ रुपये रहा था। सिर्फ यमुनानगर में ही 55 में से 44 जोन खाली हैं। रोहतक में 18 जोन में कोई बोली नहीं लगी।






