Rewari V2 Road Update: वी-2 रोड़ का निर्माण कार्य कब पूरा होगा ! इस सवाल का जवाब जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि ये रोड़ बनने के बाद रेवाड़ी शहर NH-11 और NH- 48 से सीधा कम दुरी से कनेक्ट हो जायेगा, जिसकी दूरी करीबन साढ़े 5 किलोमीटर होगी,
बता दें कि रेवाड़ी शहर के हुडा बाईपास, सेक्टर चार, कर्नल राम सिंह चौक से दिल्ली -जयपुर हाइवे को जोड़ने के लिए 120 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन इस रोड़ के बीच में कुछ मकान भी आ रहे थे, जिसके चलते गतिरोध था, लेकिन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने साफ कर दिया है कि इस बेहद महत्वपूर्ण रोड का अलाइनमेंट नहीं बदला जाएगा। इसके बजाय रास्ते में आने वाले मकानों और अन्य निर्माणों का संयुक्त सर्वे कर प्रभावितों को मुआवजा दिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024 के अंत में इस 8-लेन शानदार सड़क का निर्माण कार्य 91 करोड़ रुपए का टेंडर जारी कर शुरू कराया गया था। हालांकि, निर्माण शुरू होने के बाद अप्रैल 2025 में स्थानीय लोगों ने धरने पर बैठकर विरोध शुरू कर दिया।
मकान मालिकों का कहना था कि रोड के रास्ते में दर्जनों मकान आ रहे हैं, जिनमें से कई मकानों की जमीन को एचएसवीपी पहले ही रिलीज (मुक्त) कर चुका था। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सरकार रोड का अलाइनमेंट बदलकर इसे अंसल टाउन की तरफ प्राधिकरण की खाली जमीन से निकाले। कई महीनों तक चले इस धरने के बाद अब एचएसवीपी ने बीच का रास्ता निकालते हुए सर्वे और मुआवजे का निर्णय लिया है।
रोड के निर्माण में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए अब एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया है। इसमें एचएसवीपी एक्सईएन ऑफिस रेवाड़ी, एलएओ गुड़गांव और डीटीपी (जिला नगर योजनाकार) की टीम शामिल है। यह टीम मौके पर जाकर उन सभी मकानों और अन्य निर्माणों का विस्तृत सर्वे करेगी जो रोड की जद में आ रहे हैं। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे दो सप्ताह के भीतर एचएसवीपी प्रशासक को भेजा जाएगा, जिसके बाद प्रभावितों को मुआवजा बांटकर निर्माण कार्य की राह साफ की जाएगी।
इस साढ़े 5 किलोमीटर लंबे रोड के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया वैसे तो वर्ष 2012 में शुरू हुई थी और 2017 में 147 एकड़ जमीन का मुआवजा भी बांट दिया गया था। मुआवजा वितरण के बाद 5 साल से अधिक समय तक यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में रहा, जिससे अधिग्रहित जमीन पर व्यावसायिक गतिविधियां और अतिक्रमण बढ़ने लगा था। इसके बाद प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए वर्ष 2024 के अंत में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम धरातल पर उतारा।
इस 120 मीटर चौड़े रोड के बनने से शहर को काफी फायदा मिलेगा क्योंकि सेक्टर-4, 19, 20, 36 और 37 सीधे दिल्ली-जयपुर राजमार्ग से कनेक्ट हो जाएंगे। यह मार्ग चालू होने के बाद शहरवासी गढ़ी बोलनी रोड़ का इस्तेमाल ना करके सीधे NH-11 यानि रेवाड़ी का नया बाईपास और NH-48 पर महज 5-6 मिनट में पहुंच सकेंगे।
ले-आउट और डिजाइन पहले ही मास्टर प्लान 2021 और 2031 के तहत स्वीकृत हैं, ऐसे में अलाइनमेंट न बदलते हुए सर्वे की इस नई प्रक्रिया से ठप पड़े काम को दोबारा रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है।
उम्मीद है कि 2027 की शुरुआत में इस सड़क का निर्माण पूरा किया जायेगा, लेकिन देखना होगा कि निर्माण के दौरान आई अड़चनों को विभाग कबतक दूर करके काम शुरू कराएगा।






