Rewari News: पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने आमजन को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे एक नए तरीके को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि साइबर ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक मैसेंजर, व्हाट्सएप या अन्य माध्यमों के जरिए लोगों को मैसेज भेजकर यह झूठा दावा करते हैं कि उनका कोई रिश्तेदार विदेश में पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया है या किसी कानूनी परेशानी में फंस गया है और उसे छुड़ाने के लिए तुरंत पैसे की आवश्यकता है।
क्या है यह नया साइबर स्कैम और कैसे होता है फ्रॉड
इस प्रकार की ठगी में साइबर अपराधी किसी व्यक्ति के रिश्तेदार या परिचित का सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लेते हैं या उसी नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर मैसेज भेजते हैं। मैसेज में बताया जाता है कि उनका कोई करीबी व्यक्ति विदेश में फंस गया है, वीजा खत्म हो गया है या पुलिस ने उसे पकड़ लिया है। इसके बाद गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई से बचाने के नाम पर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाता है।
कई मामलों में साइबर ठग किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल नंबर देकर उसे “दोस्त” या “सहयोगी” बताकर संपर्क करने को कहते हैं और अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाने के लिए कहते हैं। जल्दबाजी और भावनात्मक दबाव के कारण कई लोग बिना सत्यापन किए पैसे ट्रांसफर कर देते हैं और साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं।
साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां
किसी भी मैसेज या कॉल पर तुरंत भरोसा न करें और पहले उसकी सत्यता जांचें। यदि किसी रिश्तेदार के फंसने का संदेश मिले तो सीधे उसी व्यक्ति से फोन या वीडियो कॉल के जरिए पुष्टि करें। सोशल मीडिया पर आए किसी भी संदिग्ध मैसेज या लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के बैंक खाते में जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर न करें।
अपने बैंक विवरण, ओटीपी, आधार नंबर या अन्य निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति भावनात्मक दबाव बनाकर पैसे मांग रहा है तो पहले पूरी जानकारी की पुष्टि करें। संदिग्ध नंबर या अकाउंट को तुरंत ब्लॉक करें और इसकी जानकारी पुलिस को दें। परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को भी ऐसे साइबर स्कैम के बारे में जागरूक करें।
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत करें शिकायत
यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ठगी की गई राशि को वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के मैसेज, कॉल या सोशल मीडिया पोस्ट पर आंख बंद करके भरोसा न करें। सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।






