Rewari News: हरियाणा सरकार ने मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेशभर में व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में रेवाड़ी जिले में देसी घी के सैंपल फेल मिलने पर डेयरी संस्थान पर छापा मारकर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने स्पष्ट कहा कि सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। छापेमारी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
रेवाड़ी में क्या हुई कार्रवाई?
फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की टीम ने डेयरी नाइस शुद्ध देसी घी संस्थान पर छापा मारकर देसी घी के सैंपल लिए। जांच में घी असुरक्षित, अवमानक और बिक्री के लिए प्रतिबंधित पाया गया।
इसके बाद श्री अतुल गुप्ता पुत्र श्री कृष्ण चांद (मेसर्स अतुल एजेंसीज) के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दूध उत्पादों पर विशेष अभियान
FDA आयुक्त डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि दिसंबर 2025 से 20 जनवरी 2026 तक प्रदेशभर में पनीर, देसी घी, दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों के सैंपल लेकर सरकारी लैब में जांच कराई गई। कई नमूने असुरक्षित, अवमानक और गलत ब्रांडिंग वाले पाए गए।
इन जिलों में भी कार्रवाई
रेवाड़ी के अलावा पलवल, हिसार, नूंह, महेंद्रगढ़, झज्जर और पानीपत में भी छापेमारी कर कई दुकानों को सील किया गया, एफआईआर दर्ज हुईं और उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई गई।
लाइसेंस भी रद्द
खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर वर्ष 2025-26 में
👉 4 लाइसेंस
👉 2 पंजीकरण रद्द किए गए।
सरकार का संदेश
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और मिलावटखोरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।






