Haryana News: हरियाणा सरकार राज्य के हजारों उद्यमियों को बड़ी राहत देने जा रही है। सरकार अब अनाधिकृत औद्योगिक कालोनियों को नियमित करने की दिशा में अहम कदम उठाने जा रही है। इसके लिए “हरियाणा नगरपालिका क्षेत्र से बाहर नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की कमी वाले क्षेत्रों के प्रबंधन के लिए संशोधन विधेयक 2025” विधानसभा में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं यह विधेयक सदन में पेश करेंगे।
मुख्यमंत्री सैनी, जो राज्य के वित्त मंत्री भी हैं, ने वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करते हुए इस योजना की घोषणा की थी। अब विधानसभा में बिल पेश होते ही राज्य की सभी अनाधिकृत औद्योगिक कालोनियों को अंतरिम रूप से वैध माना जाएगा और उन्हें संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक उद्यमियों के आवेदन पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता।
संशोधन विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, वे सभी अनाधिकृत औद्योगिक कालोनियां नियमित की जा सकेंगी जहाँ कम से कम 50 उद्यमी सक्रिय रूप से अपना कारोबार कर रहे हों और कुल औद्योगिक क्षेत्रफल कम से कम 10 एकड़ हो।
ऐसी कालोनियों को नियमित कराने के लिए उद्यमियों को सामूहिक रूप से राज्य सरकार के पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी होगी।
पिछले 10 वर्षों के दौरान हरियाणा की भाजपा सरकार ने शहरी क्षेत्रों में स्थित 2145 अनियमित कालोनियों को नियमित किया है। इसके अलावा, 684 ऐसी कालोनियों को भी शहरी निकाय क्षेत्रों के दायरे में लाकर नियमित किया गया है, जो मूल रूप से शहरी सीमा के बाहर थीं।
मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए जाने वाले इस संशोधन विधेयक के तहत अब औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जो पहले आवासीय अवैध कालोनियों को वैध बनाने के लिए लागू की गई थी।
इस कदम से राज्य के उन हजारों उद्यमियों को राहत मिलेगी, जो वर्षों से अनियमित औद्योगिक कालोनियों में कार्यरत हैं और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। अब उन्हें बिजली, पानी, सड़क, सीवरेज जैसी सुविधाएं भी मिल सकेंगी, जिससे औद्योगिक विकास को नया बल मिलेगा।






