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साहित्यकार आलोक भांडोरिया ने जन्मदिवस पर पेड़ लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की लिए गांव जैतड़ावास का एक साहित्यिक परिवार अनूठी पहल कर रहा है। सेवानिवृति के उपलक्ष्य में पिछले वर्ष पिता ने जहां गांव के सरकारी स्कूल परिसर में 100 पेड़-पौधे लगाकर स्कूल को हराभरा बना दिया। वहीं अब उनके बेटे साहित्यकार आलोक भांडोरिया ने भी अपने जन्म दिन पर शनिवार को स्कूल में पांच फलदार पौधें लगाकर पर्यावरण संरक्षण का बेहतरीन संदेश दिया है। गांव के राजकीय माध्यमिक विद्यालय के मुख्याध्यापक रामकिशन ने बताया कि साहित्यकार आलोक भांडोरिया ने अपने जन्मदिवस पर स्कूल प्रांगण में पांच फलदार पेड़ लगाकर उनकी देखरेख करने का भी संकल्प लिया। इस नेक कार्य के लिए स्कूल के शिक्षकों ने भी उनका आभार जताया है। स्कूल मुखिया ने बताया कि इनके पिता रामनिवास भांडोरिया ने भी बीते वर्ष सराहनीय पहल करते हुए अपनी सौ वर्षीय मां जीवनी देवी की प्रेरणा से अपनी सेवानिवृत्ति पर स्कूल प्रांगण में करीब सौ पेड़-पौधे रोपित किए थे जिसके चलते आज स्कूल प्रांगण में हरियाली छाई हुई है। एक परिवार विशेष द्वारा पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहन लगाव से स्कूल सौंदर्य करण में वृद्धि होगी वहीं लोगों में भी पर्यावरण को बचाने की मुहिम तेज होगी। उन्होंने बताया कि भांडोरिया के परिवार की स्कूल के प्रति हमेशा सकारात्मक सोच रही है।

उल्लेखनीय है कि आलोक भांडोरिया करीब दो दशकों से साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं और राष्ट्रीय स्तर के कवि सम्मेलनीय मंचों पर काव्यपाठ कर चुके हैं। इनकी कई पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। साहित्य व मंचीय कविता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ये हरियाणा साहित्य अकादमी सहित देशभर की अनेक संस्थाओं से सम्मानित हो चुके हैं। नेहरू युवा केंद्र द्वारा इन्हें जिला युवा पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। साहित्य के साथ साथ उनका पर्यावरण प्रेम भी उनको जीवन में नई उंचाईयों पर ले जाने का काम करेगा और लोगो में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति रुझान बढ़ेगा। इस अवसर पर सीमा जैन, रेखा, अनिल कुमार, रतना, ऋचा सहित पूर्व इंस्पेक्टर शिवलाल, रामनिवास, महेश कुमार, पंकज, जयंत आलोक आदि मौजूद रहे।

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