Latest Rewari Tiger News: रेवाड़ी में टाइगर कहाँ है ! बाघ से जुड़ी ख़ास बातें

Latest Rewari Tiger News: कड़ाके की ठंड में रेवाड़ी में आयें Tiger ने पसीने छुड़वायें हुये है। काफी प्रयासों के बावजूद आज चौथे दिन भी बाघ ( Tiger)  को रेसक्यू टीम काबू नहीं कर पाई है। एक दिन पहले रेवाड़ी ...

Latest Rewari Tiger News: कड़ाके की ठंड में रेवाड़ी में आयें Tiger ने पसीने छुड़वायें हुये है। काफी प्रयासों के बावजूद आज चौथे दिन भी बाघ ( Tiger)  को रेसक्यू टीम काबू नहीं कर पाई है। एक दिन पहले रेवाड़ी के भटसाना- जड़थल में बाघ सर्च तो किया गया था। लेकिन यहाँ फिर बाघ भाग निकला । जिसके बाद से दौबारा टीम बाघ को सर्च कर रही है।

 

रेवाड़ी में टाइगर कहाँ है !

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माना जा रहा है कि बाघ ( Tiger ) अभी भी भटसाना, जड़थल, निखरी गाँव व बूढ़ी बावल के आसपास ही है। रेवाड़ी में बाघ आने से ग्रामीणों में दहशत का मौहोल है। साबी नदी बांध के आसपास के इलाके में बाघ दो दिनों से घूम रहा है। इसलिए इस इलाके के ग्रामीणों को ज्यादा खतरा है। जरूरी है कि ग्रामीण जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई हिदायतों का पालन करें और सतर्क रहें।

 

बता दें कि राजस्थान के सरिस्का से एक बाघ 18 जनवरी को राजस्थान के खुशखेड़ा – कोटकासिम इलाके में आ गया था। जहाँ बाघ (Tiger )  ने राजस्थान के एक गाँव के किसान पर हमला कर घायल कर दिया था। जिसके बाद रेवाड़ी में बाघ ( tiger)  के प्रवेश होने की सूचना मिली थी। हरियाणा-राजस्थान के बॉर्डर पर स्थित रेवाड़ी जिले के नंदरामपुर बांस गाँव में टाइगर के पैरों के निशान देखे गए थे।

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19 जनवरी को रेवाड़ी में आया था Tiger

हरियाणा के रेवाड़ी में  टाइगर आने के बाद रेवाड़ी जिला प्रशासन भी अलर्ट जारी किया था । 19 जनवरी को रेवाड़ी जिला उपायुक्त ने आमजन को अलर्ट रहने की हिदायत भी जारी की थी ।  ग्रामीण को कहा गया था कि वे रात के समय में खेतों में ना जायें, अगर जायें तो झुंड में जायें। साथ ही टाइगर दिखाई देने पर तुरंत रेसक्यू टीम या जिला प्रशासन को सूचना दें।

 

जिसके बाद से ही रेवाड़ी के साबी नदी बांध के आसपास के इलाकों में टाइगर के पैरों के निशान के आधार पर सर्च किया जा था।  राजस्थान के सरिस्का से आई टीम रेस्क्यू ऑपरेशन को लीड कर रही है। रेवाड़ी वन विभाग के अधिकारी उनके मदद में लगे हुये है। इसी दौरान रविवार को पता चला कि टाइगर भटसाना -जड़थल गाँव के पास सरसों खेत में है। सूचना मिलते ही पहले से इस इलाके में तैनात रेसक्यू टीम भी मौके पर पहुँच गई।

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रेसक्यू टीम पर Tiger ने किया हमला

यहाँ जैसे ही सरसों के खेत के पास रेसक्यू टीम पहुँची तो टाइगर ने रेसक्यू टीम पर हमला कर दिया। टाइगर के इस हमले में हीरालाल नाम का फॉरेस्ट कर्मचारी घायल हो गया था ।  जबकि दूसरा धर्मसिंह नाम का कर्मचारी हमले के कारण बेहोस होकर गिर गया।  दोनों को रेवाड़ी के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिनकी हालत अभी ठीक है।

 

टाइगर की दो वीडियो आई सामने

रेवाड़ी में आयें टाइगर की कल तक कोई वीडियो फुटेज सामने नहीं आई थी । कुछ पुरानी वीडियो अलग -अलग जगहों की रेवाड़ी की बता सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही थी। लेकिन भटसाना जड़थल में रेसक्यू के दौरान लोगों के मोबाइल में टाइगर का फुटेज कैद हुआ है। दोनों वीडियो सरसों के खेत में टाइगर की देखी है है।

टाइगर से जुड़े खास बातें

टाइगर को वर्ष 1972 से राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिला हुआ है। अलग-अलग प्लेटफार्म पर मौजूद जानकारी के मुताबिक बाघ की उम्र करीबन 18-25 वर्ष होती है।  बाघ की दौड़ने की क्षमता 65 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है। लेकिन वजन ज्यादा होने के कारण वो ज्यादा दूर तक दौड़ नहीं पाता । इसलिए बाघ सबसे ज्यादा शक्तिशाली होने के बावजूद बाघ को शिकार करने में 20 में से एक में ही सफलता मिलती है।  बाघ के तैरने की क्षमता भी काफी अच्छी होती है। बाघ को प्रतिदिन करीबन 18 घंटे की नींद चाहिए होती है।

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रेवाड़ी में घुसने वाले टाइगर की उम्र ढाई साल

रेवाड़ी में आए टाइगर की उम्र करीबन ढाई साल है । जिसकी पूंछ सहित लंबाई करीबन दस फीट है और करीबन 200 किलोग्राम वजन है। जानकारी के मुताबिक बाघ की उम्र चार साल होने के बाद उसपर ट्रेकिंग डिवाइस लगाया जाता है। इस बाघ पर ऐसा डाइवस नहीं लगाया गया है। तभी बाघ को पैरों के निशान के आधार पर ही सर्च किया जा रहा था। रेवाड़ी में आयें बाघ ने शायद 3 दिनों से कुछ खाया नहीं है। इसलिए बाघ ज्यादा खूंखार हो चुका है।

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